चंडीगढ़ , मई 01 -- शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान से तत्काल इस्तीफे की मांग करते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने विशेष विधानसभा सत्र की कार्यवाही में नशे की हालत में हिस्सा लिया, जिससे उन्होंने पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार खो दिया है।

यहां जारी एक बयान में श्री बादल ने कहा कि पंजाब के लोग स्तब्ध हैं कि उनके मुख्यमंत्री ने इस तरह सदन की गरिमा और जनता के जनादेश का अपमान किया है। पूरे मामले की जांच की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि यह चिंता का विषय है कि अध्यक्ष कुलतार सिंह ने सदन की गरिमा बचाने के लिए उचित कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का आरोपों का जवाब देने के बजाय विधानसभा से चले जाना उनके दोषी होने का संकेत देता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने कार्यवाही के दौरान अभद्र भाषा और अनुचित शब्दों का प्रयोग किया, जिससे उनके पद की गरिमा कम हुई है।

श्री बादल ने कहा कि यह पहली बार नहीं है, जब श्री मान ने इस तरह का व्यवहार किया हो। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री ने फ्रैंकफर्ट में विमान से उतारे जाने की घटना के जरिए पंजाब की छवि को वैश्विक स्तर पर नुकसान पहुंचाया था।

उन्होंने श्री मान को 'आदतन शराबी' बताते हुए आरोप लगाया कि वह पहले भी तख्त श्री दमदमा साहिब के पवित्र परिसर में नशे की हालत में पहुंचे थे। उन्होंने यह भी कहा कि बरगाड़ी मोर्चे के दौरान भी वह श्री गुरु ग्रंथ साहिब की मौजूदगी में नशे में पाये गये थे। उन्होंने दावा किया कि संसद सदस्य रहते समय श्री मान के साथियों ने लोकसभा अध्यक्ष से सीट बदलने की मांग की थी, क्योंकि वे उनके पास नहीं बैठना चाहते थे।

श्री बादल ने कहा कि श्री मान ने सार्वजनिक रूप से अपनी माता के नाम पर शराब न पीने की कसम खायी थी, लेकिन उन्होंने अपनी माता और पंजाब की जनता दोनों का विश्वास तोड़ा है।

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