जालंधर , अप्रैल 24 -- कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने शुक्रवार को पंजाब के बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा से बिजली विभाग तत्काल वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि पारिवारिक व्यापारिक हितों और पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) के बीच जुड़े मामलों के कारण 'हितों के टकराव' की गंभीर स्थिति पैदा हो गयी है।

श्री खैरा ने कहा कि हालिया रिपोर्टों से पता चला है कि पीएसपीसीएल ने मैसर्स रितेश प्रॉपर्टीज एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड को लगभग 1.97 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी वापस कर दी है। यह कंपनी श्री अरोड़ा के पिता द्वारा प्रवर्तित है और मंत्री के पारिवारिक व्यावसायिक हितों से जुड़ी हुई है। कथित तौर पर यह गारंटी संशोधित बैंक गारंटी जमा किए बिना ही जारी कर दी गयी, जबकि विभाग के आंतरिक नियमों के अनुसार ऐसा करना अनिवार्य था।

श्री खैरा ने कहा कि मंत्री के परिवार से जुड़ी कंपनी को बैंक गारंटी वापस करना पीएसपीसीएल के भीतर पारदर्शिता, निष्पक्षता और औचित्य पर गंभीर सवाल खड़े करता है, खासकर तब जब वह विभाग सीधे तौर पर उसी मंत्री के प्रशासनिक नियंत्रण में आता है। उन्होंने कहा कि जब किसी मौजूदा बिजली मंत्री के रिश्तेदार या परिवार से जुड़ी फर्में पीएसपीसीएल से संबंधित अनुबंधों, अनुमोदनों या वित्तीय निर्णयों में शामिल होती हैं, तो यह हितों का एक सीधा और स्पष्ट टकराव पैदा करता है, जिससे शासन में जनता का विश्वास कम होता है।

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