चंडीगढ़ , जून 21 -- पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा को पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किए जाने का दावा करने वाला एक कथित पत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया। हालांकि, रंधावा ने स्वयं इस पत्र को पूरी तरह फर्जी करार देते हुए इसकी सच्चाई से इनकार किया है। रंधावा ने रविवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी की ओर से ऐसा कोई नियुक्ति पत्र जारी नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि वायरल दस्तावेज पूरी तरह झूठा और भ्रामक है, जिसका उद्देश्य उनकी छवि को नुकसान पहुंचाना और कांग्रेस कार्यकर्ताओं तथा आम जनता को गुमराह करना है।
सांसद रंधावा ने बताया कि उन्होंने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पंजाब पुलिस के डीजीपी को पत्र लिखकर तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने फर्जी पत्र तैयार करने और उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की भी मांग की है।
रंधावा ने कहा, "यह केवल मेरी व्यक्तिगत छवि को धूमिल करने की कोशिश नहीं है, बल्कि कांग्रेस पार्टी और उसके कार्यकर्ताओं को भ्रमित करने का सुनियोजित प्रयास है। लोकतंत्र में फर्जी दस्तावेजों और झूठे प्रचार के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए।" उन्होंने पंजाब पुलिस से मामले की विस्तृत साइबर जांच कराने, फर्जी पत्र के स्रोत का पता लगाने और इसमें शामिल सभी लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की है।
इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है, जबकि कांग्रेस नेताओं ने भी सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही अपुष्ट सूचनाओं से सावधान रहने की अपील की है। फिलहाल पुलिस की ओर से शिकायत पर आगे की कार्रवाई की प्रतीक्षा की जा रही है।
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