शिमला , अक्टूबर 06 -- हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करने और यह सुनिश्चित करने के लिए ठोस प्रयास कर रही है कि राज्यभर के लोगों को आधुनिक इलाज की सुविधाएं मिल सके।

श्री सुक्खू ने एम्स बिलासपुर के पहले दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए डिग्री प्राप्त करने वाले छात्रों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल और सफल भविष्य की कामना की।

मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य न केवल 'देवभूमि' के रूप में बल्कि 'वीरभूमि' के रूप में भी जाना जाता है। यहां के मंदिर, लोक परंपराएं और सदियों पुरानी सांस्कृतिक विरासत इसे एक अलग पहचान देती हैं। उन्होंने बिलासपुर के इतिहास का ज़िक्र करते हुए कहा कि देश के निर्माण और विकास की कीमत के तौर पर इस ज़िले के लोगों ने विस्थापन का दंश झेला है।

उन्होंने कहा कि देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के विकास के स्वप्न के अनुसार बनाया गया भाखड़ा नांगल बांध न केवल विकास और आर्थिक समृद्धि का प्रतीक है बल्कि यह बिलासपुर के लोगों के त्याग और योगदान को भी दर्शाता है। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में शिक्षा और स्वास्थ्य उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल रहे हैं। सरकार का मकसद राज्य के भीतर ही अच्छी गुणवत्ता वाली और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है ताकि लोगों को विशेष इलाज के लिए हिमाचल से बाहर नहीं जाना पड़े। उन्होंने कहा कि एम्स दिल्ली की तर्ज़ पर राज्य में 3-टेस्ला एमआरआई, पीईटी स्कैन, हाई-एंड एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड मशीनों जैसी आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं।

उन्होंने कहा, "विश्व-स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं केवल शहरों तक ही सीमित नहीं रहनी चाहिए।" उन्होंने कहा कि दूर-दराज़ और दुर्गम इलाकों तक आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का लगातार विस्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी भी शुरू की गयी है, जो आधुनिक प्रक्रियाएं पहले ज़्यादातर महंगे निजी अस्पतालों में ही उपलब्ध थीं, वे अब सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से उपलब्ध करायी जा रही हैं, जिससे आम लोगों और आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों को फ़ायदा हो रहा है। उन्होंने कहा कि पहले हिमाचल प्रदेश में पोस्टग्रेजुएट मेडिकल की सिर्फ़ 277 सीटें थीं और राज्य सरकार 320 और सीटें जोड़ने पर काम कर रही है। उन्होंने राज्य में पीजी सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा से सहयोग मांगा।

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