सुकमा , जून 25 -- छत्तीसगढ़ के सुकमा जिला प्रशासन की पहल 'नायद अर-मेरा रास्ता' के तहत युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं एवं प्रशासनिक सेवाओं के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से विशेष मार्गदर्शन सत्र का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों को सफलता के लिए अनुशासन, निरंतर अध्ययन और सकारात्मक सोच का संदेश दिया। अपर कलेक्टर शबाब खान ने विद्यार्थियों से कहा कि सफलता के लिए स्पष्ट लक्ष्य, ईमानदार मेहनत और दृढ़ संकल्प आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधन कभी भी सफलता में बाधा नहीं बनते, यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास लगातार किए जाएं।
जनपद पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी मधु तेता ने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी, अध्ययन की रणनीति, समय प्रबंधन तथा चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में आत्मविश्वास बनाए रखने के अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने विद्यार्थियों को लक्ष्य आधारित तैयारी करने और नियमित अध्ययन की सलाह दी। जिला जनसंपर्क अधिकारी सुखसागर वारे तथा एडीपी-एबीपी फेलो संजय कुमार ने भी करियर मार्गदर्शन देते हुए युवाओं को अपने सपनों को साकार करने के लिए निरंतर प्रयास करने के लिए प्रेरित किया।
जिला प्रशासन के अनुसार, नक्सल प्रभावित क्षेत्र के युवाओं को शिक्षा, कौशल विकास और प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से संचालित 'नायद अर-मेरा रास्ता' पहल उन्हें नए अवसर उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम बन रही है। इससे युवाओं में आत्मविश्वास बढ़ने के साथ उन्हें उज्ज्वल भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने का मार्गदर्शन मिल रहा है।
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