रायपुर , जुलाई 02 -- छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की ओर से विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबीजीरामजी) ग्राम योजना का शुभारंभ गुरुवार को किया गया। योजना के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों का रोजगार तथा 300 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी उपलब्ध कराई जाएगी।

जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, महिला स्व-सहायता समूहों, पंचायत प्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भाग लिया। कलेक्टर अमित कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकुंद ठाकुर ने बताया कि योजना का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि करना तथा उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।

उन्होंने बताया कि रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ योजना के माध्यम से कौशल विकास, वित्तीय सहायता और आजीविका आधारित गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इससे महिलाओं, युवाओं और ग्रामीण परिवारों को स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।

कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष मंगम्मा सोयम ने किया। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष महेश कुमार कुंजाम, जिला पंचायत सदस्य कोरसा सन्नू, जनप्रतिनिधि धनीराम बारसे सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। वक्ताओं ने योजना को ग्रामीण विकास, आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री के संबोधन का सीधा प्रसारण भी किया गया, जिसमें विकसित भारत के निर्माण में ग्रामीण क्षेत्रों की भूमिका, रोजगार सृजन और आजीविका के अवसरों पर विस्तार से जानकारी दी गई।

जिला प्रशासन ने विश्वास जताया कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से सुकमा के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, लोगों की आय में वृद्धि होगी तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

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