सुकमा , अक्टूबर 18 -- छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाली महिला जवानों को सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ने के उद्देश्य से जिला मुख्यालय स्थित पुलिस लाइन में पहली बार तीन दिवसीय गरबा-डांडिया कार्यक्रम आयोजित किया गया। पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर की पहल पर हुए इस आयोजन में नक्सल मोर्चे पर लंबे समय से तैनात महिला कमांडो और दुर्गा फाइटर की महिला जवानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम में पुलिसकर्मियों के परिवारों के साथ शहीद जवानों के परिवारों की महिलाओं और बच्चों की भी विशेष सहभागिता रही। तीन दिनों तक चले आयोजन में महिला जवानों ने अपनी नियमित ड्यूटी और चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारियों से अलग उत्सव के माहौल में गरबा-डांडिया की प्रस्तुतियां दीं।
नक्सल प्रभावित इलाकों में कठिन परिस्थितियों के बीच सुरक्षा व्यवस्था संभालने वाली महिला जवानों के लिए यह आयोजन विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। पारंपरिक संगीत और गरबा-डांडिया की धुनों पर महिला प्रतिभागियों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित भी किया गया।
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