सुकमा , जून 24 -- छत्तीसगढ़ प्रशासन और ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरएसईटीआई) के संयुक्त प्रयास से जिला जेल सुकमा में बंदियों के पुनर्वास और कौशल विकास के उद्देश्य से आयोजित फास्ट फूड मेकिंग एवं मुर्गीपालन प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन किया गया। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले बंदियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए।
जेल प्रशासन से बुधवार को मिली जानकारी के अनुसार कार्यक्रम का उद्देश्य बंदियों को आत्मनिर्भर बनाना तथा जेल से रिहाई के बाद सम्मानजनक आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना है। प्रशिक्षण के दौरान बंदियों को स्वरोजगार, पशुपालन और लघु उद्यमों से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में सहायक निदेशक (पशु चिकित्सा सेवाएं) संदीप इंदुपकर, कृषि विज्ञान केंद्र प्रमुख हनुमंत तोमर, अग्रणी बैंक प्रबंधक मनीष कुमार खुसरो, पूर्व बैंक प्रबंधक विकास कुमार तथा सहायक जेल अधीक्षक राजेश कुमार बिसेन मौजूद रहे।
अधिकारियों ने बंदियों को स्वरोजगार की संभावनाओं और आर्थिक लाभों की जानकारी देते हुए उन्हें समाज की मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक जीवन यापन के लिए प्रेरित किया।
प्रशिक्षण प्राप्त बंदी दीपक कुमार राणा ने कहा कि जेल से रिहा होने के बाद वह मुर्गीपालन व्यवसाय शुरू कर आत्मनिर्भर बनना चाहता है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित