सुकमा , सितंबर 09 -- छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले के कोंटा विकासखंड के 58 बिजली से वंचित वनांचल गांवों में आजादी के बाद पहली बार बिजली पहुंचाने की तैयारी है। ग्रामीण विद्युतीकरण के लिए जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) मद से 31 करोड़ 62 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। परियोजना से 3,929 ग्रामीण परिवारों को बिजली की सुविधा मिलने की उम्मीद है।
जिला प्रशासन के अनुसार राज्य सरकार की 'नियद नेल्लानार योजना' के तहत इन दुर्गम क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की दिशा में यह परियोजना शुरू की जा रही है। कार्यपालन अभियंता एच.के. ध्रुव ने बताया कि कोंटा विकासखंड के जिन्नेलंका, बंजेवाही, रेडलापल्ली, पेंटापाड, एण्टापाड, जग्गावरम, गोमपाड़, दन्तेशपुरम, नीलावाया और सिंगाराम सहित 58 गांवों को विद्युतीकरण के दायरे में लाया गया है।
प्रशासन का कहना है कि बिजली पहुंचने से इन गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार सुविधाओं के विस्तार में मदद मिलेगी। स्कूलों और आश्रम-छात्रावासों में बच्चों को अध्ययन की बेहतर सुविधा मिलने के साथ डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। स्वास्थ्य केंद्रों में दवाओं के सुरक्षित भंडारण और चिकित्सा उपकरणों के संचालन में भी सुविधा होगी।
कलेक्टर अमित कुमार ने बताया कि कोंटा विकासखंड के इन 58 गांवों तक बिजली पहुंचने से 3,929 परिवार लाभान्वित होंगे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए परियोजना को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
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