बस्तर , अप्रैल 13 -- छत्तीसगढ़ में 31 मार्च को सशस्त्र नक्सलवाद के खात्मे के आधिकारिक दावे के बाद बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) सुंदरराज पट्टलिंगम ने बाकी माओवादी कैडरों से हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण करने की अपील दोहराई है।

इस बीच सोमवार को कांकेर जिले में हुई मुठभेड़ में महिला माओवादी कमांडर रूपी के मारे जाने की पुष्टि हुई है।

आईजी सुंदरराज ने कहा कि शासन द्वारा माओवादी कैडरों को आत्मसमर्पण और पुनर्वास का अवसर लगातार दिया जा रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि अब क्षेत्र में माओवादियों की मौजूदगी सीमित रह गई है, ऐसे में शेष कैडर हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटें और शांतिपूर्ण जीवन अपनाएं।

पुलिस के अनुसार, कांकेर जिले के छोटेबेठिया-परतापुर थाना क्षेत्र के माचपल्ली-आरामझोरा-हिडूर जंगलों में सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ के बाद इलाके की सघन तलाशी में एक महिला माओवादी का शव बरामद किया गया, जिसकी पहचान एरिया कमेटी कमांडर रूपी के रूप में हुई है।

पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा के मुताबिक, माचपल्ली क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई में रूपी मारी गई, जो तेलुगु कैडर की सक्रिय सदस्य थी। उसे बस्तर क्षेत्र में अंतिम प्रमुख तेलुगु माओवादी कैडर के रूप में देखा जा रहा था। रूपी का पति विजय रेड्डी दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी का सदस्य था, जो वर्ष 2025 में मोहला-मानपुर क्षेत्र में मुठभेड़ में मारा गया था।

मुठभेड़ स्थल से एक पिस्टल, गोला-बारूद और अन्य सामग्री जब्त की गई है, जबकि आसपास के इलाकों में सुरक्षा बलों का तलाश अभियान जारी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की कार्रवाइयों के साथ-साथ आत्मसमर्पण नीति पर जोर देकर क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने की दिशा में प्रयास जारी हैं।

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