सीहोर , दिसंबर 10 -- मध्यप्रदेश में सीहोर जिले के बिलकिसगंज थाना क्षेत्र में बीते तीन महीनों से आदिवासी बहुल इलाकों में सक्रिय धर्म परिवर्तन गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ कर छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरोह पर ग्रामीणों को एक-एक लाख रुपये और नौकरी का लालच देकर ईसाई धर्म अपनाने का दबाव डालने का आरोप है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार रेहटी थाना क्षेत्र के ग्राम वीरपुर, भीलपाटी और खजुरी में लंबे समय से गुप्त रूप से प्रार्थना सभाएं आयोजित की जा रही थीं। पहले ये सभाएं प्रेरणा के रूप में दिखाई देती थीं, लेकिन धीरे-धीरे इनमें आर्थिक प्रलोभन और जबरन दबाव बढ़ने लगा। शिकायत के अनुसार ग्रामीणों को नकदी, नौकरी और अन्य लाभ का वादा कर धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश की जा रही थी।

घटना का खुलासा तब हुआ जब ग्रामीण लखन बारेला, सीताराम बारेला, रमेश बारेला और रायसिंह बारेला ने हिम्मत जुटाकर पुलिस को लिखित शिकायत सौंपी। शिकायत में कहा गया कि रेम सिंह बारेला के घर गुप्त बैठकें हो रही थीं, जहां ईसा मसीह की तस्वीर, बाइबल और नकदी का प्रलोभन दिखाकर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया जा रहा था। 9 दिसंबर की रात भी ग्रामीणों को जबर्दस्ती बुलाकर धर्म बदलने के लिए मजबूर किया गया, जिसके बाद घबराए ग्रामीणों ने 112 पर फोन कर पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलते ही बिलकिसगंज थाना प्रभारी संदीप मीणा पुलिस दल के साथ मौके पर पहुंचे और छापामार कार्रवाई की। पुलिस ने धार्मिक साहित्य, बाइबल की प्रतियां व धर्मांतरण संबंधी रिकॉर्ड जब्त कर लिया। मौके पर मौजूद सभी लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया।

पुलिस ने प्रमुख आरोपियों मुकेश बारेला, लखन बारेला, सीताराम बारेला, रेम सिंह बारेला, कुशमा बारेला और बीना बारेला को गिरफ्तार कर धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 की धारा 3/5 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। थाना प्रभारी मीणा ने बताया कि मामला गंभीर है और गिरोह की गतिविधियों की जांच जारी है।

ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते पुलिस की गई त्वरित कार्रवाई ने कई लोगों को इस जाल में फंसने से बचा लिया। पुलिस की कार्रवाई ने क्षेत्र में स्पष्ट संदेश दिया है कि लालच, दबाव या धोखे से धर्म परिवर्तन कराना एक गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में कानून सख्ती से कार्रवाई करेगा।

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