जम्मू , मई 06 -- जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बुधवार को कहा कि भारत की सीमा पर बसे केंद्रशासित प्रदेश के गांव साहस और जुझारूपन की एक गौरवशाली विरासत के वाहक हैं।
श्री सिन्हा ने संबा जिले के सीमावर्ती गांव रीगल में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, "प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में, हमने सोच का नज़रिया बदल दिया है। अब ये भारत के 'आखिरी गांव' नहीं, बल्कि हमारे 'पहले गांव' हैं।" इस दौरे के दौरान उन्होंने कई विकास परियोजनाओं की शुरुआत की और उनकी आधारशिला रखी।
इन परियोजनाओं में सरकारी प्राथमिक विद्यालय 'रीगल' में एक डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना, एक सामुदायिक भवन-सह-मनोरंजन केंद्र का निर्माण, जल निकासी नाली के साथ 'अमृत सरोवर' का विकास, तीन ओपन जिम की स्थापना और सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने का कार्य शामिल है।
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