नयी दिल्ली , अप्रैल 15 -- केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के बुधवार को घोषित कक्षा 10वीं के पहले सत्र के परिणामों में दक्षिण भारतीय क्षेत्रों ने सफलता के चार्ट में शीर्ष स्थान हासिल किया है।

बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, तिरुवनंतपुरम और विजयवाड़ा 99.79 प्रतिशत के साथ सूची में सबसे ऊपर रहे, इसके बाद चेन्नई 99.58 प्रतिशत और बेंगलुरु 98.91 प्रतिशत पर रहा। तिरुवनंतपुरम पिछले पांच वर्षों से लगातार सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला क्षेत्र बना हुआ है।

राष्ट्रीय राजधानी के क्षेत्रों का प्रदर्शन थोड़ा पीछे रहा, जिसमें दिल्ली पश्चिम (97.45 प्रतिशत) और दिल्ली पूर्व (97.33प्रतिशत) क्रमशः पांचवें और छठे स्थान पर रहे।

इस वर्ष सीबीएसई के कुल पास प्रतिशत में मामूली सुधार दर्ज किया गया है। वर्ष 2026 में परीक्षा में शामिल हुए 24,71,777 छात्रों में से 23,16,008 छात्र सफल घोषित किए गए, जिससे कुल पास प्रतिशत 93.70 प्रतिशत रहा। यह 2025 के 93.66 प्रतिशत की तुलना में थोड़ा अधिक है।

लड़कियों ने एक बार फिर लड़कों को पीछे छोड़ दिया है; लड़कियों का पास प्रतिशत 94.99 प्रतिशत रहा, जबकि लड़कों का 92.69 प्रतिशत। हालांकि, ट्रांसजेंडर उम्मीदवारों के पास प्रतिशत में गिरावट देखी गई है, जो पिछले साल के 95 प्रतिशत से घटकर इस बार 87.5 प्रतिशत रह गया है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप, सीबीएसई ने 2026 शैक्षणिक सत्र से कक्षा 10वीं के लिए दो-परीक्षा प्रणाली शुरू की है। 25 जून 2025 को जारी अधिसूचना के अनुसार, छात्रों के पास मुख्य परीक्षा और उसके बाद सुधार के लिए दूसरी बार बैठने का विकल्प होगा, जिसमें दोनों में से सर्वश्रेष्ठ स्कोर को ही माना जाएगा।

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