मैनपुरी , मई 9 -- केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा कक्षा 12 की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिये लागू की गई ऑन-स्क्रीन मूल्यांकन प्रणाली डि परीक्षा मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, शुद्ध, सुरक्षित एवं समयबद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है।

सीबीएसई द्वारा आयोजित उन्मुखीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम में बोर्ड़ के कोआर्डीनेटर डा राम मोहन ने शनिवार को कहा कि डिजिटल व्यवस्था परीक्षा मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, शुद्ध, सुरक्षित एवं समयबद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। इस प्रणाली की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इससे उत्तर पुस्तिकाओं के भौतिक परिवहन की जटिल प्रक्रिया समाप्त हो गई है। पहले उत्तर पुस्तिकाओं को विभिन्न मूल्यांकन केंद्रों तक पहुंचाने, सुरक्षित रखने तथा उनके प्रबंधन में अत्यधिक समय, श्रम एवं संसाधनों की आवश्यकता होती थी, जबकि अब उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन प्रतियाँ डिजिटल माध्यम से सीधे उपलब्ध हो जाती हैं। इससे समय की बचत होने के साथ-साथ कार्य अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं तीव्र गति से संपन्न हो रहा है। शिक्षकों के अनुसार इस व्यवस्था ने मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक सरल, सुविधाजनक एवं पर्यावरण हितैषी बना दिया है।

शिक्षकों का कहना है कि ऑन-स्क्रीन मूल्यांकन प्रणाली के माध्यम से प्रश्नवार अंकन अधिक स्पष्ट एवं नियंत्रित हो गया है। साथ ही उत्तर पुस्तिकाओं के सुरक्षित डिजिटल अभिलेख के कारण मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता भी बढ़ी है। स्वचालित अंक जोड़ने की सुविधा के कारण गणना संबंधी त्रुटियों में उल्लेखनीय कमी आई है तथा कार्य अधिक शुद्धता के साथ संपन्न हो रहा है।

प्रशिक्षण सत्र के दौरान शिक्षकों को डिजिटल अंकन, स्क्रीन आधारित मूल्यांकन, पोर्टल संचालन तथा तकनीकी सावधानियों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। कई शिक्षकों ने स्वीकार किया कि यह अनुभव उनके लिए नई सीख लेकर आया है तथा इससे उनकी डिजिटल दक्षता में भी वृद्धि हुई है। शिक्षकों ने कहा कि इस नई प्रणाली ने उनमें तकनीक आधारित कार्य के प्रति आत्मविश्वास बढ़ाया है।

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