नयी दिल्ली , मई 09 -- केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने विदेश मंत्रालय (एमईए) और गृह मंत्रालय (एमएचए) के साथ समन्वय स्थापित कर शनिवार को हरियाणा के वांछित भगोड़े अभय उर्फ अभय राणा का पुर्तगाल से भारत प्रत्यर्पण कराने में सफलता हासिल की है।
सीबीआई ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में इंटरपोल चैनलों के माध्यम से समन्वय कर 160 से अधिक वांछित अपराधियों को सफलतापूर्वक भारत वापस लाया गया है।
अभय राणा के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। वह हरियाणा के करनाल में दर्ज एक मामले सहित रंगदारी, आपराधिक धमकी, संगठित अपराध सिंडिकेट चलाने, हत्या के प्रयास और जान से मारने की धमकी देने जैसे कई आपराधिक मामलों में वांछित था।
जांच में खुलासा हुआ कि राणा अपने सहयोगियों के साथ मिलकर ह्वाट्सएप कॉल सहित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्थानीय व्यवसायियों को फिरौती के लिए धमकाता था। जो लोग इन मांगों को पूरा नहीं करते थे, उन पर सिंडिकेट के सदस्यों से हमला करवाता था।
उसके खिलाफ जांच पूरी होने के बाद संबंधित मामले में सक्षम न्यायालय के समक्ष आरोप पत्र दाखिल किया जा चुका है।
हरियाणा पुलिस के अनुरोध पर एनसीबी, नयी दिल्ली ने इंटरपोल चैनलों के माध्यम से उसके खिलाफ रेड नोटिस प्रकाशित करवाया था।
पुर्तगाली अधिकारियों ने अभय के लोकेशन का पता लगाकर उसे गिरफ्तार किया। इसके बाद उन्हें प्रत्यर्पण का अनुरोध सौंपा गया। उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए पुर्तगाली अधिकारियों ने उसे भारत प्रत्यर्पित करने की अनुमति दे दी।
सीबीआई ने बताया कि हरियाणा पुलिस की एस्कॉर्ट टीम पुर्तगाल गयी थी, जहां आरोपी को उन्हें सौंप दिया गया और वे आज नयी दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे।
भारत में इंटरपोल के लिए 'नेशनल सेंट्रल ब्यूरो' के रूप में सीबीआई, इंटरपोल चैनलों के माध्यम से सहायता के लिए 'भारतपोल' के जरिये भारत की सभी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय करती है।
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