कोलकाता , मई 12 -- पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अपने हाथ में ले ली है।
उल्लेखनीय है कि राज्य पुलिस ने सीबीआई जांच की सिफारिश की थी और एजेंसी ने मंगलवार को इसकी जिम्मेदारी ले ली।
सीबीआई ने एक बयान में जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने की बात कही है और वह कोलकाता कार्यालय के प्रमुख संयुक्त निदेशक की देखरेख में काम करेगा। जांच की जरूरतों के हिसाब से कोलकाता क्षेत्र के अधिकारियों को एसआईटी में नियुक्त किया जाएगा। इस बीच हत्या की जांच कर रही एसआईटी ने पहले ही तीन संदिग्धों की पहचान करते हुए उन्हें उत्तर प्रदेश और बिहार से हत्या के सिलसिले में गिरफ्तार किया है।
आरोपियों की पहचान मयंकराज मिश्रा, विक्की मौर्य और राज सिंह के रूप में हुई है और जांचकर्ताओं का मानना है कि गिरफ्तार किए गए लोगों में प्रोफेशनल शूटर शामिल हैं। मयंक और विक्की को बिहार के बक्सर से, जबकि राज को उत्तर प्रदेश के बलिया से गिरफ्तार किया गया। तीनों को शहर की एक अदालत ने 12 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। इससे पहले राज्य सरकार ने विशेष कार्य बल (एसटीएफ) और अपराध जांच विभाग (सीआईडी) के अधिकारियों को लेकर एसआईटी बनाई थी। इसी टीम ने गिरफ्तारियां की हैं और जांचकर्ताओं को शक है कि जुर्म में इस्तेमाल की गई गाड़ी झारखंड से लाई गई थी। प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि बाली टोल प्लाजा पर गाड़ी से किए गए ऑनलाइन टोल पेमेंट से जांचकर्ताओं को आरोपियों का पता लगाने में मदद मिली।
राज्य पुलिस एसआईटी के एक सदस्य ने कहा कि बिहार और उत्तर प्रदेश में छापे मारने के लिए डिजिटल ट्रैकिंग और टेक्नोलॉजिकल सर्विलांस का इस्तेमाल किया गया। अब सीबीआई जांच जारी रखेगी। इससे पहले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने अदालत की निगरानी में इस हत्या की सीबीआई जांच की मांग की थी।
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