नयी दिल्ली , जुलाई 14 -- केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने नोएडा में एक आवास परियोजना से जुड़े कथित धोखाधड़ी के मामलों में साहा इन्फ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड, उसके निदेशक और एचडीएफसी बैंक लिमिटेड तथा आईसीआईसीआई बैंक लिमिटेड के अधिकारियों के खिलाफ सोलहवां आरोप पत्र दायर किया है।
सीबीआई ने मंगलवार को बताया कि यह आरोप पत्र नयी दिल्ली के राउज एवेन्यू स्थित विशेष सीबीआई अदालत के समक्ष दायर किया गया। एजेंसी ने कहा, " सीबीआई द्वारा की गयी जांच से पता चला है कि आरोपी बिल्डर कंपनी और उसके निदेशक ने बैंक अधिकारियों तथा अन्य निजी व्यक्तियों के साथ साजिश रचकर झूठे आश्वासनों और धोखाधड़ी वाले बयानों के माध्यम से घर खरीदारों और निवेशकों को प्रलोभन दिया, तथा अवैध एवं भ्रामक तरीकों का सहारा लेकर वित्तीय लाभ प्राप्त किया।"सीबीआई के अनुसार, जांच में पुख्ता सबूत सामने आये, जिसके बाद आपराधिक साजिश, आधिकारिक पद के दुरुपयोग, धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात से संबंधित भारतीय दंड संहिता तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत आरोप पत्र दायर किया गया।
एजेंसी वर्तमान में उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुसार देश भर में विभिन्न बिल्डर कंपनियों और वित्तीय संस्थानों के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ दर्ज अन्य 33 मामलों की जांच कर रही है। इन मामलों में कथित धोखाधड़ी और धन की हेराफेरी शामिल है, जिससे घर खरीदार प्रभावित हुए हैं।
अब तक, सीबीआई रुद्रा बिल्डवेल कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड, ड्रीम प्रोकॉन प्राइवेट लिमिटेड, जेपी इन्फ्राटेक लिमिटेड, एवीजे डेवलपर्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड, सीएचडी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, सीक्वल बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड, लॉजिक्स सिटी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, मंजू जे होम्स इंडिया लिमिटेड, शुभकामना बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड, नाइनेक्स डेवलपर्स लिमिटेड, डिसेंट बिल्डवेल प्राइवेट लिमिटेड, रुद्रा बिल्डवेल प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, इथाका एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड और एलजीसीएल अर्बन होम्स (इंडिया) एलएलपी के साथ-साथ उनके निदेशकों और कुछ बैंकों तथा वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों के खिलाफ 15 आरोप पत्र दायर कर चुकी है।
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