होशियारपुर , अक्टूबर 07 -- पंजाब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) महासचिव राजनीश धीमान ने मुख्यमंत्री भगवंत मानके कैंप कार्यालय समेत कई स्थानों पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की छापेमारी को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) के राजनीतिक प्रतिशोध के आरोपों पर पलटवार करते हुए बुधवार को कहा कि सीबीआई जांच केंद्र के निर्देश पर नहीं, बल्कि पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेश पर शुरू हुई है।
श्री धीमान ने आरोप लगाया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पंजाब के पुलिस महानिदेशक को 24 जुलाई, 31 जुलाई और सात अगस्त को पत्र भेजकर प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध किया था, लेकिन राज्य सरकार ने कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि यदि आरोप गलत थे, तो पंजाब पुलिस को उनकी जांच कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि संबंधित मामला 2011 से चली आ रही ईडी जांच से जुड़ा है, जब पंजाब में आप की सरकार नहीं थी। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच के दौरान निजी बिचौलिये नितिन गोहल से जुड़े परिसरों में नकदी बरामद होने और दस्तावेजों की पड़ताल में मुख्यमंत्री के विशेष कार्याधिकारी राजबीर घुम्मन का नाम सामने आने की बात कही गई है। उन्होंने सरकारी अधिकारियों के तबादलों और तैनाती को प्रभावित करने तथा मोहाली में औद्योगिक भूखंड से जुड़े आरोपों की भी निष्पक्ष जांच की मांग की।
श्री धीमान ने कहा कि भाजपा किसी को दोषी नहीं ठहरा रही, बल्कि उच्च न्यायालय के समक्ष दर्ज तथ्यों की जांच की मांग कर रही है। उन्होंने आप पर आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर सीबीआई कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बताने का आरोप लगाया। उन्होंने पंजाब सरकार पर विज्ञापन पर सरकारी धन खर्च करने का आरोप लगाते हुए गुजरात और ओडिशा जैसे राज्यों में मोहल्ला क्लीनिकों के विज्ञापनों पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि पंजाब का धन पंजाब के लोगों पर खर्च होना चाहिए।
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