नयी दिल्ली , जुलाई 03 -- फ्रांस की यात्रा पर गईं केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण और फ्रांस के अर्थव्यवस्था, वित्त, उद्योग, ऊर्जा और डिजिटल संप्रभुता मंत्री रोलैंड लेस्क्योर ने शुक्रवार को ऐक्स-एन-प्रोवेंस में भारत-फ्रांस आर्थिक और वित्तीय वार्ता की सह-अध्यक्षता की।

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के व्यापक ढांचे के तहत भारत और फ्रांस के बीच आर्थिक संबंध गहरे हो रहे हैं। ऐसे में दोनों देशों ने तय किया था कि अंतरराष्ट्रीय विषयों पर एक-दूसरे के दृष्टिकोण को समझने, द्विपक्षीय सहयोग और ठोस नतीजों वाले समाधानों पर चर्चा के लिए उच्च स्तरीय बातचीत फिर से शुरू करना जरूरी है।

दोनों नेताओं ने बेहतर द्विपक्षीय सहयोग के संभावित क्षेत्रों, जैसे कि आर्थिक संप्रभुता और सुरक्षा से जुड़ी नीतियों पर भारत और फ्रांस के बीच व्यापक चर्चा के हिस्से के तौर पर महत्वपूर्ण खनिजों पर सहयोग की शुरुआत; आपसी निवेश बढ़ाने के तरीके; और रेलवे क्षेत्र में सहयोग के आशय की घोषणा पर हस्ताक्षर के बाद तीव्र गति वाली रेलवे के विकास के क्षेत्र में मौजूद अवसरों पर चर्चा की गई। भारत और फ्रांस के वित्तीय सेवा क्षेत्र के बीच जुड़ाव को बढ़ाने के प्रस्ताव पर भी बातचीत हुई।

वित्त मंत्रालय की एक विज्ञप्ति के अनुसार दोनों मंत्रियों ने भारत में आर्थिक विकास के लिए फ्रेंच डेवलपमेंट एजेंसी के कार्य के महत्व को भी माना और भविष्य की परियोजनाओं की संभावनाओं का स्वागत किया। दोनों मंत्रियों ने दुनिया की आर्थिक स्थिति पर भी अपने विचार एक-दूसरे के साथ साझा किए।

दोनों नेताओं ने भारत और फ्रांस के बीच आर्थिक, वित्तीय, तकनीकी, निवेश और व्यापार से जुड़े मामलों पर बातचीत के लिए आर्थिक और वित्तीय वार्ता को एक मुख्य मंच के तौर पर इस्तेमाल करने का संकल्प लिया। दोनों मंत्री 2027 में इस बातचीत का अगला दौर आयोजित करने की संभावना तलाशने पर सहमत हुए।

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