सीतापुर , सितंबर 7 -- उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के मिश्रिख वन क्षेत्र में कई दिनों बाद रविवार को बाघिन के ताजा पगचिह्न मिलने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। वन विभाग ने रसूलवा, इमलीपुरवा और सीसैंडी क्षेत्र में निगरानी बढ़ाते हुए ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

वन क्षेत्राधिकारी मिश्रिख सिकंदर सिंह ने सोमवार को बताया कि रविवार को वन विभाग की कांबिंग के दौरान रसूलवा के पास तथा सीसैंडी में नंदिनी गौशाला के निकट बाघिन के ताजा पगचिह्न मिले हैं। बाघिन की गतिविधियों को देखते हुए रसूलवा के पास जंगल की सीमा पर एक पड़वा पिंजरे में बांधा गया है।

उन्होंने बताया कि बाघिन लगातार अपना स्थान बदल रही है, जिसके कारण उसे पकड़ने में कठिनाई आ रही है। बाघिन को ट्रैंकुलाइज कर पकड़ने के लिए कतर्नियाघाट और दुधवा के विशेषज्ञों को तैनात किया गया है। वन विभाग की टीमें लगातार कांबिंग कर रही हैं, लेकिन अभी तक बाघिन का सटीक पता नहीं चल सका है।

वन विभाग के अनुसार, बाघिन को पकड़ने के लिए माधवपुर के पंचायत भवन में कमांड सेंटर बनाया गया है। क्षेत्र में 10 स्थानों पर ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं और ड्रोन कैमरों के माध्यम से भी निगरानी की जा रही है। कमांड सेंटर से जुड़े सात वनकर्मियों को तीन समूहों में बांटकर लगातार कांबिंग कराई जा रही है।

उन्होंने बताया कि बाघिन अब तक पिंजरों में बांधे गए चार पड़वों को अपना शिकार बना चुकी है, लेकिन इसके बावजूद वह लगातार स्थान बदल रही है। वन विभाग की टीमें उसकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं।

गौरतलब है कि 15 जुलाई को रसूलवा क्षेत्र में बाघिन ने एक व्यक्ति पर हमला कर उसकी जान ले ली थी। इसके बाद वन विभाग ने बाघिन को पकड़ने के लिए तीन स्थानों पर पिंजरे लगाए थे। बाघिन की लगातार मौजूदगी से क्षेत्र के ग्रामीणों में भय बना हुआ है। वन विभाग की ओर से ग्रामीणों को लगातार सतर्क किया जा रहा है और अकेले जंगल अथवा खेतों की ओर न जाने की सलाह दी जा रही है।

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