हैदराबाद , जुलाई 19 -- तेलंगाना की पंचायत राज और ग्रामीण विकास मंत्री दानसारी अनुसूया सीताक्का ने किसानों से अपील की है कि वे कम बारिश और अल-नीनो के गंभीर असर को देखते हुए खेती के वैकल्पिक तरीके अपनाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि ज़्यादा पानी की ज़रूरत वाली फसलें उगाने से भारी आर्थिक नुकसान हो सकता है।

सुश्री सीताक्का ने जारी एक वीडियो बयान में कहा कि उम्मीद के मुताबिक बारिश नहीं हुई है और राज्य में भीषण गर्मी से भूजल का स्तर गिर गया है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वे कम पानी की ज़रूरत वाली ("आरु-ताड़ी") फसलें उगाएं, फसल चक्र (क्रॉप रोटेशन) अपनाएं और टैंकों, तालाबों तथा जलाशयों के जलग्रहण क्षेत्रों में भी बारिश पर निर्भर फसलें न उगाएं।

उन्होंने पेयजल को सबसे ज़्यादा प्राथमिकता दिए जाने पर ज़ोर देते हुए उपलब्ध जल संसाधनों के समझदारी से इस्तेमाल और संरक्षण का आह्वान किया।मंत्री ने घोषणा की कि मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के निर्देशों के अनुसार सोमवार से 'जल सिरी' कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। इस कार्यक्रम के तहत, भूजल को फिर से भरने और बारिश के पानी को बचाने के लिए हर घर में एक सोक पिट (सोखने वाला गड्ढा), हर गाँव में एक रिचार्ज तालाब और हर खेत में एक फार्म पॉन्ड बनाया जाएगा।

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