हैदराबाद , अगस्त 07 -- तेलंगाना की पंचायत राज, ग्रामीण विकास और महिला एवं बाल कल्याण मंत्री डॉ. दानासारी अनसूया सीतक्का ने शुक्रवार को लोगों से सप्ताह में कम से कम दो दिन हथकरघा के कपड़े पहनने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि हथकरघा का समर्थन करने का मतलब बुनकर परिवारों के साथ खड़े होना और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना है।
सुश्री सीतक्का ने नेक्लेस रोड स्थित पीपुल्स प्लाजा में राष्ट्रीय हथकरघा दिवस समारोह में कहा कि तेलंगाना सरकार हथकरघा क्षेत्र की गरिमा बढ़ाने, बुनकरों के लिए निरंतर रोजगार सुनिश्चित करने और हथकरघा उत्पादों के लिए बाजार की पहुंच का विस्तार करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कृषि और हथकरघा को 'दो आंखें' बताया और कहा कि राज्य सरकार ने लंबे समय से लंबित बकायों का चरणबद्ध तरीके से निपटारा करते हुए इस क्षेत्र के विकास एवं कल्याण पर अब तक लगभग 1,300 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
मंत्री ने बुनकरों को 'मानव सभ्यता के शिक्षक' बताते हुए कहा कि हथकरघा बुनाई सिर्फ एक रोजगार नहीं, बल्कि भारत की संस्कृति और परंपरा की पहचान है। उन्होंने कहा कि सरकार 'इंदिरम्मा' साड़ियों के लिए बड़े ऑर्डर देकर और सरकारी स्कूलों की यूनिफॉर्म के लिए सीधे बुनकरों से कपड़ा खरीदकर उन्हें पूरे साल रोजगार देने का काम कर रही है।
सुश्री सीतक्का ने एक हथकरघा प्रदर्शनी का उद्घाटन किया, कारीगरों से बातचीत की, करघे पर बुनाई करके देखी, हथकरघा साड़ियां खरीदीं और जनता से त्योहारों तथा विशेष अवसरों पर हथकरघा उत्पाद खरीदने का आग्रह किया।
मंत्री ने कहा, "एक हथकरघा वस्त्र खरीदना किसी बुनकर के परिवार का समर्थन करने जैसा है।" उन्होंने कहा कि बुनकरों को प्रोत्साहित करने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और हजारों परिवारों की आजीविका सुरक्षित होगी।
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