चंडीगढ़ , जुलाई 23 -- चंडीगढ़ प्रशासन ने सार्वजनिक परिवहन को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में अहम कदम उठाया है। अब चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (सीटीयू) की बसों में सफर करने वाले यात्रियों को टिकट खरीदने के लिए नकद या खुले पैसे रखने की आवश्यकता नहीं होगी। यात्री अपने मोबाइल से क्यूआर कोड स्कैन कर यूपीआई के माध्यम से टिकट का भुगतान कर सकेंगे।
यह सुविधा ट्राइसिटी रूटों पर संचालित सीटीयू की सभी 438 बसों में लागू करने की तैयारी है। फिलहाल कुछ चुनिंदा रूटों पर इसका परीक्षण किया जा रहा है। तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद इसे सभी बसों में लागू कर दिया जाएगा।
यूपीआई भुगतान की सुविधा डीजल बसों के साथ-साथ इलेक्ट्रिक बसों में भी उपलब्ध होगी। यात्री किसी भी यूपीआई ऐप के जरिए क्यूआर कोड स्कैन कर सीधे टिकट का भुगतान कर सकेंगे, जिससे टिकट लेने की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक आसान, तेज और सुविधाजनक होगी।
इस सुविधा का लाभ चंडीगढ़ के अलावा मोहाली, पंचकूला, खरड़, जीरकपुर, मनसा देवी, चंडीमंदिर, कुराली, मलोया, धनास, मौलीजागरां और मनीमाजरा सहित विभिन्न रूटों पर सफर करने वाले यात्रियों को मिलेगा। सेक्टर-17 और सेक्टर-43 आईएसबीटी से चलने वाली बसों के साथ-साथ पीजीआई, पंजाब यूनिवर्सिटी, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और शहर के प्रमुख बाजारों को जोड़ने वाली सेवाओं में भी यह व्यवस्था लागू होगी।
नई व्यवस्था से खुले पैसों की समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी। पांच, 10 या 15 रुपये के टिकट के लिए खुले पैसे न होने से होने वाली देरी खत्म होगी और कंडक्टरों के लिए टिकट जारी करना भी आसान होगा। नकद लेन-देन में लगने वाला समय बचेगा, जिससे बसों का संचालन अधिक सुचारु हो सकेगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यूपीआई सुविधा शुरू होने के बाद भी नकद और स्मार्ट कार्ड से टिकट खरीदने का विकल्प पहले की तरह जारी रहेगा, ताकि डिजिटल भुगतान का उपयोग नहीं करने वाले यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
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