पुणे , अक्टूबर 19 -- इंडिया अगेंस्ट करप्शन (आईएसी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और आरटीआई कार्यकर्ता हेमंत पाटिल ने सोमवार को कहा कि चुनाव आयोग के कामकाज के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का आंदोलन कमजोर पड़ता दिख रहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके की हिरासत और बाद में जमानत पर रिहाई, प्रमुख कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई तथा आंदोलन के वित्तपोषण के स्रोतों पर उठे सवालों के बीच यह स्थिति बनी है।

श्री पाटिल ने कहा कि आंदोलन की दिशा और उद्देश्यों की गहन जांच की जरूरत है, विशेषकर उसके वित्तीय स्रोतों को लेकर उठे सवालों के मद्देनजर।

उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश मार्कंडेय काटजू ने सोशल मीडिया पर आंदोलन के पीछे संभावित अमेरिकी हस्तक्षेप को लेकर संदेह जताया है। राजनीतिक हलकों में भी सीजेपी को मिलने वाली फंडिंग के स्रोतों पर सवाल उठाए गए हैं।

विदेशी फंडिंग के आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। श्री पाटिल ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि केवल आरोपों से किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता, लेकिन जनता को यह जानकारी मिलनी चाहिए कि आंदोलन को धन कहां से मिल रहा है, उसका इस्तेमाल कैसे किया जा रहा है और वित्तीय लेनदेन में पारदर्शिता है या नहीं।

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