रायपुर , सितंबर 05 -- छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) भर्ती घोटाले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अपनी कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए कथित कैश सिंडिकेट से जुड़े करीब 30 लोगों को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया है। इनमें विवादित अभ्यर्थियों के अलावा एनजीओ, एक बड़ी कंपनी और रिसार्ट संचालकों से जुड़े लोग भी शामिल बताए गए हैं।
आज सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ईडी की जांच का फोकस अब कथित तौर पर अभ्यर्थियों से वसूली गई रकम के स्रोत और उसके आगे के लेनदेन पर है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि रकम कहां से आई और किन लोगों तक पहुंचाई गई।
मामले में जमानत पर बाहर चल रहे आरोपियों को भी दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया गया है। इनमें तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक, तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक ललित गनवीर, टामन सोनवानी के भतीजे साहिल सोनवानी, नितेश सोनवानी, शशांक गोयल और उनकी पत्नी भूमिका कटियार समेत अन्य नाम शामिल हैं। एजेंसी इनसे पूछताछ के जरिए भर्ती प्रक्रिया में कथित लेनदेन और संपर्कों की कड़ियां जोड़ने की कोशिश कर रही है।
जांच में सामने आए आरोपों के मुताबिक कोचिंग संचालक उत्कर्ष चंद्राकर ने मेडिकल ऑफिसर डॉ. विकास चंद्राकर के साथ मिलकर अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरी दिलाने का कथित नेटवर्क तैयार किया था। आरोप है कि अभ्यर्थियों को परीक्षा के अलग-अलग चरणों में मदद के साथ प्री परीक्षा से इंटरव्यू तक सफलता की गारंटी देने का दावा किया जाता था।
इसके एवज में अभ्यर्थियों से तीन करोड़ रुपए से अधिक रकम वसूले जाने का दावा किया गया है। ईडी अब इस रकम के स्रोत, इस्तेमाल और कथित तौर पर इससे लाभान्वित लोगों के संबंध में जानकारी जुटा रही है।
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