रायपुर , जुलाई 31 -- छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) की वर्ष 2021 की भर्ती परीक्षा से जुड़े बहुचर्चित कथित घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की विशेष अदालत ने शुक्रवार को आयोग के पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी को 14 दिनों की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया। ईडी की रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद उन्हें विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजने का आदेश दिया।

इस मामले में टामन सिंह सोनवानी को इससे पहले केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने दो वर्ष पूर्व गिरफ्तार किया था। उनके साथ बजरंग पावर एंड स्टील लिमिटेड के डायरेक्टर श्रवण कुमार गोयल को भी गिरफ्तार किया गया था। जांच एजेंसियों का आरोप है कि सीजीपीएससी की भर्ती प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुईं तथा प्रभावशाली लोगों के परिजनों को उपायुक्त, पुलिस उपाधीक्षक सहित अन्य पदों पर चयनित कराने के लिए कथित तौर पर अवैध लेन-देन किया गया। ईडी अब मामले के वित्तीय पहलुओं की भी जांच कर रही है।

सीबीआई की जांच के अनुसार, टामन सिंह सोनवानी ने परीक्षा के प्रश्नपत्र अपने निवास पर साहिल, नीतेश, उसकी पत्नी निशा कोसले तथा दीपा आडिल को उपलब्ध कराए। इसके बाद उप परीक्षा नियंत्रक ललित गणवीर ने कथित रूप से लीक प्रश्नपत्र बजरंग पावर एंड इस्पात कंपनी के डायरेक्टर श्रवण गोयल को सौंपा। जांच एजेंसी के अनुसार, श्रवण गोयल के बेटे शशांक और बहू भूमिका ने इसी प्रश्नपत्र के आधार पर तैयारी की और दोनों का चयन डिप्टी कलेक्टर पद पर हुआ।

उल्लेखनीय है कि सीजीपीएससी ने वर्ष 2021 में 171 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया आयोजित की थी। प्रारंभिक परीक्षा 13 फरवरी 2022 को हुई, जिसमें दो हजार 565 अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए। इसके बाद 26, 27, 28 और 29 मई 2022 को आयोजित मुख्य परीक्षा में 509 अभ्यर्थी सफल हुए। साक्षात्कार प्रक्रिया पूरी होने के बाद 11 मई 2023 को 170 चयनित अभ्यर्थियों की अंतिम सूची जारी की गई थी।

आरोप है कि परीक्षा और साक्षात्कार प्रक्रिया में पारदर्शिता की अनदेखी कर राजनीतिक तथा प्रशासनिक प्रभाव वाले परिवारों के उम्मीदवारों को उपायुक्त, डीएसपी एवं अन्य राजपत्रित पदों पर चयनित कराया गया, जबकि पात्र अभ्यर्थियों की उपेक्षा की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने जांच सीबीआई को सौंपी थी। जांच के दौरान एजेंसी ने छापेमारी कर कई दस्तावेज और आपत्तिजनक साक्ष्य जब्त किए हैं। अब ईडी भी मामले से जुड़े वित्तीय लेन-देन और अन्य पहलुओं की जांच में जुटी हुई है।

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