बोधगया , अक्टूबर 10 -- स्ट जोन इंडियन साइकियाट्रिक सोसाइटी के 51वें वार्षिक सम्मेलन 'सीज़िप्स-2026' का औपचारिक उद्घाटन शनिवार को बोधगया में हुआ। तीन दिवसीय इस राष्ट्रीय स्तर के अकादमिक सम्मेलन में देशभर से लगभग 500 मनोचिकित्सक, मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ, शिक्षाविद, शोधकर्ता, स्नातकोत्तर विद्यार्थी और युवा चिकित्सक भाग ले रहे हैं। सम्मेलन में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी आधुनिक चुनौतियों, नवीन उपचार पद्धतियों और चिकित्सा क्षेत्र में हो रहे शोध पर विशेषज्ञ विचार-विमर्श किया जा रहा है।

कार्यक्रम का उद्घाटन मगध क्षेत्र के आइजी विकास वैभव, सोसायटी के डॉ. टीएसएस राव, ईस्ट जोन इंडियन साइकियाट्रिक सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. उदय कुमार सिन्हा, मानद सचिव डॉ. रंजन भट्टाचार्य, आयोजन अध्यक्ष डॉ. एनपी सिंह और सचिव डॉ. निस्का सिन्हा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।

सम्मेलन की इस वर्ष की थीम 'द मेडिकल माइंडस्केप-माइंड बियॉन्ड माइंड' रखी गई है। इसका उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य के बदलते स्वरूप को समझना, चिकित्सा क्षेत्र में नवीन अनुसंधानों पर चर्चा करना और मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए विशेषज्ञों के बीच ज्ञान एवं अनुभवों का आदान-प्रदान करना है।

इस अवसर पर आईजी विकास वैभव ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य को शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्व दिया जाना चाहिए। मानसिक समस्याओं को लेकर समाज में व्याप्त झिझक और भ्रांतियों को दूर करना जरूरी है। लोगों को मानसिक परेशानियों के प्रति जागरूक होने के साथ जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञों से परामर्श लेने के लिए भी प्रोत्साहित करना चाहिए। ऐसे अकादमिक सम्मेलन मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई जानकारियों के आदान-प्रदान और बेहतर उपचार की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

ईस्ट जोन इंडियन साइकियाट्रिक सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. उदय कुमार सिन्हा ने बताया कि सम्मेलन में आधुनिक मनोचिकित्सा, मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं और उपचार की नवीन तकनीकों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। आयोजन सचिव डॉ. निस्का सिन्हा ने बताया कि युवाओं में नशे की लत, नशामुक्ति उपचार में नई प्रगति, एडीएचडी, प्रसवोत्तर मानसिक बीमारियों की शुरुआत एवं पुनरावृत्ति तथा मनोविकृति और सिजोफ्रेनिया के सटीक उपचार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर 10 अक्टूबर को सुबह सात से आठ बजे तक मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता पदयात्रा आयोजित की गई। आईआईएम बोधगया के सहयोग से आयोजित इस पहल में मनोचिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों, सम्मेलन के प्रतिनिधियों, विद्यार्थियों और अन्य प्रतिभागियों ने भाग लिया। पदयात्रा के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा इससे जुड़े मुद्दों पर समाज में सकारात्मक संवाद को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया गया।

सम्मेलन के दौरान ओडिशा की डॉ. तनमैनी दास को ईस्ट जोन इंडियन साइकियाट्रिक सोसाइटी का नया अध्यक्ष चुना गया। इस अवसर पर सोसायटी के निवर्तमान अध्यक्ष डॉ. उदय कुमार सिन्हा ने उन्हें अध्यक्ष पद का मेडल पहनाकर बधाई दी।

सम्मेलन के अंतिम दिन जैव-चिह्नों के आधार पर सटीक मनोचिकित्सा, सिजोफ्रेनिया के उपचार में बदलते दृष्टिकोण, तंत्रिका-विज्ञान और मनोचिकित्सा के बीच आधुनिक संबंध, नशीले पदार्थों का सेवन करने वाले किशोरों में जैव-चिह्नों की भूमिका तथा सटीक न्यूरोमॉड्यूलेशन जैसे विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद सम्मान समारोह, पुरस्कार वितरण और समापन कार्यक्रम होगा।

डॉ उदय कुमार सिन्हा ने बताया कि सीज़िप्स-2026 को बिहार चिकित्सा पंजीकरण परिषद ने 12 सीएमई क्रेडिट घंटे की मान्यता प्रदान की है। यह मान्यता एक अक्टूबर 2026 को जारी आदेश संख्या 6158 के तहत दी गई है। इससे पात्र प्रतिभागियों को निरंतर चिकित्सा शिक्षा के निर्धारित क्रेडिट घंटे प्राप्त होंगे।

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