कोच्चि , अक्टूबर 16 -- प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने केरल के पूर्व मुख्यमंत्री एवं विपक्ष के नेता पिनराई विजयन को सीएमआरएल-एक्सलॉजिक मामले में 23 अक्टूबर को कोच्चि स्थित अपने कार्यालय में पूछताछ के लिए पेश होने का समन भेजा है।

यह मामला उनकी बेटी वीणा टी की कंपनी से जुड़े संदिग्ध वित्तीय लेनदेन से संबंधित है।

यह समन विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन ब्यूरो (वीएसीबी) की प्राथमिकी को लेकर चल रही कानूनी कार्यवाही के बीच आया है। यह मामला 2017 से 2019 के दौरान कोचीन मिनरल्स एंड रोटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) के 'एक्सलॉजिक सॉल्यूशंस' को किये गये भुगतानों के इर्द-गिर्द घूमता है। इन आरोपों की जांच इस बात को लेकर है कि क्या ये भुगतान वास्तविक सेवाओं के एवज में किये गये थे या अवैध रिश्वत का हिस्सा थे। अदालत में हालांकि ये आरोप साबित नहीं हुए हैं।

मामले में शामिल आरोपों के मुताबिक जांच के दायरे में आयी अवधि के दौरान सीएमआरएल ने सेवा-संबंधी भुगतानों और आईटी एवं मार्केटिंग परामर्श शुल्क के रूप में श्रीमती वीणा और उनकी कंपनी को कुल लगभग 3.28 करोड़ रुपये का भुगतान किया था। ईडी ने इस बात पर सवाल उठाया है कि इन भुगतानों के बदले वास्तव में किस प्रकार की सेवाएं दी गयी थीं। जांच के दौरान यह सवाल भी उठाया गया है कि क्या श्री विजयन के मुख्यमंत्रित्व कार्यकाल के दौरान सीएमआरएल को कोई आधिकारिक रियायतें दी गयी थीं। ये आरोप वित्तीय लेनदेन की व्यापक जांच का हिस्सा हैं और इनकी छानबीन जांच एजेंसियों तथा न्यायिक प्रक्रिया के जरिए की जानी है।

श्री विजयन और अन्य ने वीएसीबी की प्राथमिकी को रद्द कराने के लिए उच्चतम न्यायालय का रुख किया है। बचाव पक्ष ने गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए इस याचिका पर जल्द विचार करने और अंतरिम संरक्षण का अनुरोध किया है। इन लंबित कानूनी प्रक्रियाओं के बीच ईडी के श्री विजयन को पूछताछ के लिए तलब किए जाने से मामला और अधिक कानूनी पेंच में फंस गया है।

इस ताजा घटनाक्रम के बाद पूर्व मुख्यमंत्री की ओर से समन पर आने वाली प्रतिक्रिया पर सबकी निगाहें टिक गई हैं। फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि वह 23 अक्टूबर को जांच एजेंसी के सामने पेश होंगे या पूछताछ से पहले किसी अन्य कानूनी राहत की मांग करेंगे।

अधिवक्ताओं ने संकेत दिया है कि श्री विजयन वर्तमान विधानसभा सत्र के बाद इस समन का उचित जवाब देंगे, जो 29 अक्टूबर को समाप्त होने वाला है।

इस बीच उच्चतम न्यायालय ने गिरफ्तारी से तुरंत कोई संरक्षण देने से इनकार करते हुए संकेत दिया है कि इस याचिका पर दशहरा अवकाश के दौरान या न्यायालय के दोबारा खुलने के बाद विचार किया जा सकता है।

ईडी इस मामले की जांच धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत कर रही है। एजेंसी का आरोप है कि सीएमआरएल ने आईटी परामर्श सेवाओं के नाम पर एक्सलॉजिक को लगभग 2.78 करोड़ रुपये का भुगतान किया था। ये आरोप फिलहाल जांच और न्यायिक जांच के दायरे में हैं।

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