सुकमा , अप्रैल 06 -- छत्तीसगढ़ में सुकमा जिले के ताड़मेटला क्षेत्र में 06 अप्रैल 2010 को हुए नक्सली हमले में शहीद केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 76 जवानों की स्मृति में निर्मित शहीद स्मारक का सोमवार को लोकार्पण किया गया।
इस अवसर पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके सर्वोच्च बलिदान को नमन किया गया।
सीआरपीएफ से आज मिली जानकारी के अनुसार 06 अप्रैल 2010 को ताड़मेटला क्षेत्र में नक्सलियों ने घात लगाकर सुरक्षाबलों पर हमला किया था। विषम परिस्थितियों में सीआरपीएफ के जवानों ने बहादुरी से मुकाबला किया, जिसमें नौ नक्सली मारे गए और कई घायल हुए। हालांकि इस भीषण हमले में 62 बटालियन के 75 जवानों सहित एक स्थानीय पुलिसकर्मी सहित 76 जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे।
शहीदों की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के उद्देश्य से घटना स्थल पर 223 बटालियन केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल एवं सिविल प्रशासन के सहयोग से शहीद स्मारक का निर्माण किया गया। इसका लोकार्पण पुलिस महानिदेशक केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल ज्ञानेन्द्र प्रताप सिंह ने किया। इस दौरान उन्होंने शहीद जवानों को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए उनके अदम्य साहस और बलिदान को देश के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
समारोह में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (नक्सल अभियान) छत्तीसगढ़ पुलिस विवेकानंद, पुलिस महानिरीक्षक छत्तीसगढ़ सेक्टर शालिन, पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज सुन्दरराज पी, पुलिस महानिरीक्षक छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल बी.एस. ध्रुव, उप महानिरीक्षक एस.के. सिंह, उप महानिरीक्षक परिक्षेत्र सुकमा आनन्द सिंह राजपुरोहित, जिलाधिकारी सुकमा अमित कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुकमा रोहित शाह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी, जवान एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक ने जवानों से संवाद कर उनका मनोबल बढ़ाया और नक्सल उन्मूलन में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सुरक्षाबलों और छत्तीसगढ़ पुलिस के समन्वित प्रयासों के चलते बस्तर संभाग में अब विकास के नए मार्ग प्रशस्त हो रहे हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों और जवानों ने शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए उनके बलिदान को देश की सुरक्षा और शांति के लिए अमूल्य बताया।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित