नारायणपुर , फरवरी 13 -- छत्तीसगढ़ में नारायणपुर जिले के ओएंगर थाना क्षेत्र अंतर्गत घने जंगल और पहाड़ी इलाके में चलाए गए एक संयुक्त सर्च अभियान में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता हाथ लगी है।
29वीं वाहिनी भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने 12 फरवरी को नक्सल विरोधी अभियान के तहत इस क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चलाया।
पुलिस से शुक्रवार को मिली जानकारी के अनुसार विश्वसनीय सूचना के आधार पर डिप्टी कमांडेंट विकास पाचर के नेतृत्व में टीम रवाना हुई। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और दुर्गम रास्तों से गुजरते हुए जवानों ने इलाके में क्षेत्र प्रभुत्व अभियान के तहत तलाशी ली। इस दौरान जंगल में पेड़ों के नीचे और झाड़ियों में छिपाकर रखा गया जमावड़ा हाथ लगा।
सुरक्षा बलों ने मौके से बड़ी मात्रा में विस्फोटक और आईईडी बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद की है। बरामद सामग्री के विवरण में 175 मीटर इंडस्ट्रियल प्राइमा कॉर्ड (लगभग साढ़े तीन रोल), 10 मीटर सेफ्टी फ्यूज, दस रोल इलेक्ट्रिक वायर, एक आईईडी मैकेनिज्म, एक देसी पिस्टल (तमंचा), दो स्टील कंटेनर और एक पांच फीट लंबा भारी बोरिंग पाइप शामिल है।
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि इस सामग्री का इस्तेमाल नक्सली बड़ी घटना को अंजाम देने और सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने की फिराक में थे। मौके पर मिले बोरिंग पाइप और इलेक्ट्रिक वायर से साफ है कि वे बड़े आईईडी बनाने की योजना बना रहे थे। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई ने नक्सलियों की इस साजिश को नाकाम कर दिया।
बरामद सामग्री को मौके पर ही सुरक्षित कर लिया गया। फिलहाल विस्फोटकों को नष्ट करने और अन्य वैधानिक कार्रवाई के लिए अग्रिम प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आईटीबीपी और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस अभियान को बड़ी कामयाबी बताया है। उनका कहना है कि इस तरह के सर्च ऑपरेशन भविष्य में भी लगातार जारी रहेंगे, ताकि बचे-खुचे नक्सलियों के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।
क्षेत्र में शांति और विकास की प्रक्रिया को मजबूती देने के लिए सुरक्षा बल पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत नजदीकी पुलिस या सुरक्षा बलों को दें।
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