भोपाल , अप्रैल 17 -- राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो, पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा सीआरपीआई सिस्टम और एमसीयू के प्रभावी संचालन के लिए दो दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

यह कार्यशाला 15 एवं 16 अप्रैल को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो जयदीप प्रसाद के निर्देशन में आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य डिजिटल साक्ष्य को और अधिक सुदृढ़ बनाना रहा।

कार्यशाला में राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो, गृह मंत्रालय, नई दिल्ली से आए विशेषज्ञों ने सीआरपीआई सिस्टम और एमसीयू के संबंध में सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया। प्रतिभागियों को आधुनिक तकनीकों के उपयोग, डेटा संग्रहण की शुद्धता और डिजिटल साक्ष्यों के सुरक्षित संधारण के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई।

सीआरपीआई अर्थात आपराधिक प्रक्रिया (पहचान) अधिनियम 2022 के तहत पुलिस एवं जांच एजेंसियों को आरोपियों के फिंगरप्रिंट, फोटोग्राफ और अन्य बायोमेट्रिक साक्ष्य एकत्र कर उनका विश्लेषण करने का अधिकार प्राप्त है। इसी के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एमसीयू की स्थापना की गई है, जहां इन आंकड़ों का डिजिटल रूप से संग्रह किया जाता है।

कार्यशाला में प्रदेश के विभिन्न जिलों और विशेष इकाइयों से 67 अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए। इस प्रशिक्षण से प्रतिभागियों की तकनीकी दक्षता में वृद्धि के साथ सीआरपीआई सिस्टम के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक व्यावहारिक कौशल विकसित किए गए। कार्यक्रम में पुलिस महानिरीक्षक राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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