सिरसा , सितंबर 18 -- रियाणा के सिरसा जिले में मानसून की कम बारिश और नहरी पानी की गंभीर किल्लत के कारण किसानों की खरीफ फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। पर्याप्त पानी न मिलने से जहां धान की खेती पर प्रतिकूल असर पड़ा है, वहीं कपास (नरमा), ग्वार, तिल और मूंग की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है।

यहां के किसानों का कहना है कि समय पर सिंचाई का पानी न मिलने से ग्वार, तिल और मूंग में फलियां नहीं बन सकी हैं, जबकि नरमे की फसल खेतों में ही सूखकर काली पड़ गई है और पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है।

इन स्थितियों का जायजा लेने के लिए शुक्रवार को 'भारतीय किसान एकता' (बीकेई) के प्रदेश अध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने अपनी टीम के सदस्यों कुलतार सिंह कंवर, सर्वजीत कंबोज, दीपू गिल और करतार सिंह के साथ गांव भंगू के खेतों का दौरा किया और प्रभावित फसलों का निरीक्षण किया।

किसानों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए श्री औलख ने कहा कि क्षेत्र के किसान पिछले कई वर्षों से लगातार फसल नुकसान के कारण भारी आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। इस वर्ष उन्हें नरमा और कपास की अच्छी पैदावार से पिछले नुकसान की भरपाई होने की उम्मीद थी, लेकिन बारिश की कमी, अपर्याप्त नहरी पानी और फसलों में बीमारियों के प्रकोप के कारण नरमे की खेती पूरी तरह नष्ट हो गई है। इसके अलावा ग्वार और बाजरे की पैदावार को भी बड़ा झटका लगा है।

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