सिरसा , अक्टूबर 10 -- हरियाणा किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा और संयुक्त किसान मोर्चा हरियाणा ने किसानों की समस्याओं को लेकर संयुक्त संघर्ष करने का फैसला लिया है। टोहाना में हुई दोनों मोर्चों की संयुक्त बैठक में निर्णय लिया गया कि फसल खरीद में किसानों के साथ हो रही कथित लूट के विरोध में 14 अक्टूबर को प्रदेश के सभी जिलों में मार्केट कमेटी कार्यालयों पर तीन घंटे के लिए तालाबंदी कर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। यदि इसके बावजूद सरकार ने किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया तो बड़े आंदोलन की घोषणा की जाएगी।दोनों किसान संगठनों ने आरोप लगाया कि हरियाणा में धान और बाजरे की फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम कीमत पर बिक रही है। उन्होंने कहा कि धान का एमएसपी 2,461 रुपये और बाजरे का 2,900 रुपये प्रति क्विंटल होने के बावजूद किसानों को कम दाम मिल रहे हैं। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। संगठनों ने सवाल उठाया कि किसानों की इस कथित लूट के लिए कौन जिम्मेदार है।
किसान नेताओं ने भाजपा पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी पंजाब में एमएसपी के नाम पर वोट मांग रही है, जबकि हरियाणा में किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है।
बैठक में दिल्ली में छात्रों के आंदोलन को दबाने के लिए किए गए लाठीचार्ज और गिरफ्तारियों की भी कड़ी निंदा की गई। इसके अलावा बिजली वितरण का काम निजी कंपनियों को सौंपने की दिशा में उठाए जा रहे कदमों का विरोध किया गया।
बैठक की संयुक्त अध्यक्षता रतन मान, लखविंदर सिंह औलख, बलबीर सिंह और मनदीप नथवान ने की। इसमें दोनों मोर्चों के 23 घटक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। किसान संगठनों ने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज किया जाएगा।
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