सिरसा , अक्तूबर 08 -- हरियाणा के सिरसा में जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी और बर्खास्तगी की मांग को लेकर गुरुवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में ''वोट चोर, गद्दी छोड़'' प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन कांग्रेस के 'लोकतंत्र बचाओ सप्ताह' के तहत आयोजित किया गया।
जिलेभर से कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता पहले कांग्रेस भवन में एकत्रित हुए। इसके बाद पैदल मार्च करते हुए अंबेडकर चौक पहुंचे, जहां कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में नारेबाजी की। इस दौरान सीईसी ज्ञानेश कुमार का पुतला भी फूंका गया।
पूर्व मंत्री बीरेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने ज्ञानेश कुमार को संवैधानिक जिम्मेदारी सौंपी थी, लेकिन उन्होंने अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी से हटकर एसआईआर के माध्यम से सही मतदाताओं के अधिकारों को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आवाज नहीं उठा पाया तो लोकतंत्र और आजादी के लिए बड़ा खतरा पैदा हो सकता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में युवा और कांग्रेस कार्यकर्ता अपने अधिकारों की लड़ाई के लिए एकजुट हो रहे हैं।
कांग्रेस की लगातार तीन चुनावों में हार और भाजपा की जीत को लेकर पूछे गए सवाल पर बीरेंद्र सिंह ने चुटकी लेते हुए कहा कि अगले चुनाव तक कांग्रेस का स्वरूप ही बदल जाएगा।
प्रदर्शन में सिरसा विधायक गोकुल सेतिया, कालांवाली विधायक शीशपाल केहरवाला और ऐलनाबाद विधायक भरत सिंह बेनीवाल शामिल नहीं हुए।
गोकुल सेतिया द्वारा सोशल मीडिया पर प्रदर्शन के नेतृत्व को लेकर जताई गई नाराजगी पर बीरेंद्र सिंह ने कहा, "आ गया ना, देख लिया।" उन्होंने बताया कि भरत सिंह बेनीवाल को उन्होंने स्वयं फोन कर निमंत्रण दिया था, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हो सकी।
इस मौके पर डा. सुशील इंदौरा, डा. केवी सिंह, पूर्व विधायक बलकौर सिंह, जिलाध्यक्ष संतोष बेनीवाल, गजानंद सोनी, कृष्णा फोगाट, रामसिंह सोलंकी, दीपू मेहता, जग्गा बराड़ और लादू राम पूनिया सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित