सिरसा , अगस्त 28 -- हरियाणा के सिरसा मे रक्षाबंधन पर्व पर जिला जेल में बहनों ने भावुक माहौल के बीच अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी। रक्षाबंधन को लेकर जेल प्रशासन की ओर से विशेष प्रबंध किए गए थे। जेल के बाहर सुबह से ही बंदियों और कैदियों को राखी बांधने के लिए बहनों एवं परिजनों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया।
जेल प्रशासन ने परिजनों के बैठने और खानपान के लिए विशेष व्यवस्था की थी। बहनें भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के बाद लौटते समय भावुक नजर आईं। कई बहनों की आंखों से आंसू छलक पड़े। जेल प्रशासन की ओर से उनके लिए भोजन की व्यवस्था की गई थी, लेकिन भावुक पलों के कारण कई बहनें खाने की स्टॉल तक भी नहीं जा सकीं। जेल कर्मचारी उन्हें ढांढस बंधाते नजर आए।
जेल अधीक्षक जसवंत सिंह ने बताया कि रक्षाबंधन देश का महत्वपूर्ण त्योहार है। यह केवल कच्चे धागे का नहीं, बल्कि विश्वास, प्रेम और अटूट रिश्ते का बंधन है। बहन राखी बांधकर भाई की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती है, वहीं भाई उसकी रक्षा का विश्वास दिलाता है।
उन्होंने बताया कि महानिदेशक कारागार अशविन्दर चावला के निर्देशानुसार जिला कारागार में बंदियों को राखी बंधवाने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। जेल में करीब 1270 बंदी हैं, जिनमें से लगभग एक हजार बंदियों की बहनों के शाम तक मुलाकात के लिए पहुंचने की उम्मीद है। दोपहर तक करीब 200 बंदियों की बहनें राखी बांधकर लौट चुकी थीं और मुलाकात का सिलसिला जारी था।
जेल प्रशासन की ओर से आने वाली बहनों को मिठाई और राखी भी दी जा रही है। कई बहनें अपने साथ राखियां लेकर पहुंचीं। इस दौरान कुछ बंदियों के छोटे बच्चे भी उनसे मिलने पहुंचे। बच्चों को देखकर बंदी भावुक हो गए और उन्हें चूमकर प्यार जताते नजर आए।
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