कोलकाता/नयी दिल्ली , अगस्त 07 -- केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि केंद्र सरकार 1947 के बंटवारे के पीड़ितों की याद में कोलकाता के सियालदह रेलवे स्टेशन पर एक स्मारक बनाया जायेगा।

इसके लिए भारतीय रेलवे ने देश के सबसे अहम शरणार्थी पारगमन अड्डे में से एक सियालदह स्टेशन पर जगह आवंटित की है।

श्री शेखावत ने नयी दिल्ली में 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले इस साल के 'हर घर तिरंगा' अभियान के लिए आयोजित एक शुरुआती कार्यक्रम में बोलते हुए, कहा कि प्रस्तावित स्मारक ऐतिहासिक स्टेशन परिसर में बनाया जाएगा।

श्री शेखावत ने कहा कि यह स्मारक उन लोगों को सम्मान देगा जिन्होंने आधुनिक इतिहास में जबरन विस्थापन की सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक के दौरान विस्थापन, हिंसा और नुकसान का सामना किया।

1947 में आज़ादी के बाद पश्चिम बंगाल में आने वाले शरणार्थियों के लिए मुख्य प्रवेश द्वार के रूप में उपयोग होने के कारण सियालदह रेलवे स्टेशन का बंटवारे के इतिहास में एक खास स्थान है। प्रस्तावित स्मारक उन लोगों के दुख और हिम्मत को सम्मान देना चाहता है जिन्होंने विभाजन की सीमा को पार करने के बाद अपनी ज़िंदगी को फिर से बसाया।

यह घोषणा संस्कृति मंत्रालय द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में की गई जिसका आयोजन 'हर घर तिरंगा' अभियान की शुरुआत के लिए किया गया। यह अभियान देश के स्वतंत्रता दिवस समारोह के हिस्से के रूप में नौ से 17 अगस्त तक मनाया जाएगा।

अधिकारियों ने बताया कि देशव्यापी अभियान में आज़ादी की लड़ाई, राष्ट्रीय एकता और भारत की सांस्कृतिक विरासत को उजागर करने वाले कई कार्यक्रम शामिल होंगे। साथ ही नागरिकों को अपने घरों एवं कार्यस्थलों पर तिरंगा फहराने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

इस बीच, पश्चिम बंगाल सरकार ने भी पूरे राज्य में बड़े पैमाने पर 'हर घर तिरंगा' अभियान चलाने की घोषणा की है। स्वतंत्रता दिवस समारोह में लोगों की ज़्यादा से ज़्यादा भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए इस अभियान के तहत लगभग 70 लाख राष्ट्रीय ध्वज बांटे जाएंगे।

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