बिलासपुर , जुलाई 16 -- छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) बिलासपुर के ईएनटी विभाग के चिकित्सकों ने छह वर्षीय एक बालक की अन्ननली में फंसा सिक्का सफलतापूर्वक निकालकर उसकी जान बचा ली।

अस्पताल से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोटा तहसील के ग्राम सरगोंड निवासी बैगा जनजाति का छह वर्षीय नरेंद्र बुधवार सुबह खेलते समय गलती से सिक्का निगल गया। इसके बाद उसे भोजन और पानी निगलने में गंभीर परेशानी होने लगी। परिजन उसे पहले पेंड्रा के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए सिम्स बिलासपुर रेफर कर दिया गया।

बालक को शाम करीब साढ़े छह बजे सिम्स लाया गया। रेडियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अर्चना सिंह ने तत्काल एक्स-रे कर सिक्के की स्थिति का पता लगाया, जो अन्ननली के ऊपरी हिस्से में फंसा हुआ था। इसके बाद एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. मधुमिता मूर्ति की टीम ने सामान्य एनेस्थीसिया दिया।

ईएनटी विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. आरती पाण्डेय तथा सहायक प्राध्यापक डॉ. श्वेता मित्तल के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम ने रिजिड इसोफैगोस्कोपी तकनीक की मदद से सावधानीपूर्वक सिक्का बाहर निकाल लिया। ऑपरेशन सफल रहा और बालक की हालत अब सामान्य एवं संतोषजनक बताई गई है।

सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि रेडियोलॉजी, एनेस्थीसिया और ईएनटी विभागों के समन्वित प्रयास, विशेषज्ञता और आधुनिक तकनीक के उपयोग से इस जटिल आपातकालीन मामले का सफल उपचार संभव हो सका।

चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने अभिभावकों से अपील की कि छोटे बच्चों की पहुंच से सिक्के, बटन, बैटरी, चुंबक और अन्य छोटी वस्तुएं दूर रखें। उन्होंने कहा कि यदि कोई बच्चा ऐसी वस्तु निगल ले और उसे गले में दर्द, लार टपकने, निगलने या सांस लेने में कठिनाई हो, तो घरेलू उपचार करने के बजाय तत्काल विशेषज्ञ अस्पताल में चिकित्सकीय सहायता लें।

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