कोलकाता , जुलाई 17 -- पश्चिम बंगाल के अल्पसंख्यक नेता सिद्दीकुल्लाह चौधरी ने शुक्रवार को कोलकाता के दमदम हवाई अड्डा परिसर में मौजूद ऐतिहासिक गौरीपुर जामे मस्जिद(बांकरा मस्जिद) में नमाज़ पढ़ने का अपना प्रस्तावित कार्यक्रम रद्द कर दिया।
श्री चौधरी ने कहा कि उन्होंने उस जगह का दौरा करने और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद यह फ़ैसला लिया।
यह घटनाक्रम नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा के आस-पास अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुआ, जहां शांति-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट ने गेट नंबर सात और आस-पास के इलाकों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किया था। हवाई अड्डा इलाके में राज्य पुलिस, रैपिड एक्शन फोर्स और केंद्रीय सुरक्षा बलों की एक बड़ी टुकड़ी तैनात की गई थी। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने के लिए वॉटर कैनन भी तैयार रखा हुआ था ताकि हवाई अड्डे का कामकाज प्रभावित न हो और कहीं भी गैर-कानूनी तरीके से भीड़ जमा न हो।
हवाई अड्डे के अधिकारियों द्वारा उस संरचना को दूसरी जगह ले जाने के निर्णय के बाद दरगाह तक जाने पर रोक लगने की खबरों के बीच श्री चौधरी ने पहले मस्जिद में जुमे की नमाज़ अदा करने का कार्यक्रम घोषित किया था। हवाई अड्डा पर पुलिस अधिकारियों से बात करने के बाद श्री चौधरी कार्यक्रम को आगे बढ़ाए बिना ही वहां से चले गए। बाद में उन्होंने पत्रकारों को बताया कि शुक्रवार का कार्यक्रम नहीं होगा लेकिन उन्होंने अपने इस फ़ैसले के कारणों के बारे में विस्तार से कुछ नहीं बताया।
इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए उत्तरी दमदम के विधायक सौरव सिकदर ने कहा कि पुलिस यह जांच करेगी कि प्रस्तावित कार्यक्रम के पीछे कोई और मंशा तो नहीं थी। श्री सिकदर ने कहा, "पुलिस जांच करेगी कि क्या सिद्दीकुल्लाह का कोई और उद्देश्य था और क्या वह अशांति फैलाना चाहते थे। इस व्यक्ति का रिकॉर्ड अच्छा नहीं है और वह अक्सर संवेदनशील बयानों के माध्यम से लोगों को भड़काते रहते हैं। पुलिस ने स्थिति को सही तरीके से संभाला।"हवाई अड्डा एयरपोर्ट परिसर में मौजूद 136 साल पुराना गौरीपुर जामे मस्जिद को दूसरी जगह ले जाने को लेकर कई दशकों से चर्चा चल रही है। हवाई अड्डा अधिकारियों का कहना है कि इस संरचना के कारण कामकाज में दिक्कतें आती हैं और हवाई अड्डा के दूसरे रनवे को बड़ा करने की योजनाओं पर भी असर पड़ रहा है। अभी हवाई अडाडा पर दो रनवे हैं। मुख्य रनवे से ज़्यादातर विमानों का आवागमन होता है जबकि दूसरा रनवे बहुत छोटा है और मस्जिद के पास है। उड्डयन विशेषज्ञों का कहना है कि जब कभी मुख्य रनवे को रख-रखाव के लिए कुछ समय के लिए बंद किया जाता है तो बड़े विमानों का परिचालन मुश्किल हो जाता है क्योंकि छोटे रनवे की अपनी सीमाएं हैं। जगह बदलने की प्रक्रिया के तहत हवाई अड्डा परिसर से होकर मस्जिद जाने के लिए श्रद्धालुओं को दिये गये प्रवेश पास कथित रूप से वापस ले लिये गये हैं और मस्जिद में नमाज़ भी रोक दी गयी है।
श्री चौधरी के नमाज कार्यक्रम की घोषणा के बाद बिधाननगर पुलिस ने चौकसी बढ़ा दी थी और सुबह से ही हवाई अड्डा के आस-पास के संवेदनशील इलाकों को सील कर दिया था। सुरक्षाकर्मियों ने गेट नंबर सात, बिराती और बांकरा के आस-पास सघन गश्त लगा दी थी जबकि पुलिस ने लोगों से बार-बार अपील की कि वे प्रतिबंधित इलाके में इकट्ठा न हों।
अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा के व्यापक इंतज़ामों का उद्देश्य किसी भी तरह के सांप्रदायिक तनाव को रोकना और यह सुनिश्चित करना था कि पूर्वी भारत के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में से एक पर यात्रियों की आवाजाही एवं उड़ानों का परिचालन बिना किसी रुकावट के जारी रहे।
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