उज्जैन , मई 28 -- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर धार्मिक नगरी उज्जैन को सिंहस्थ 2028 के विश्व स्तरीय आयोजन के लिए आकर्षक रूप से संवारा जा रहा है। इसके तहत शहर में विकास कार्यों के साथ आंतरिक सड़कों के चौड़ीकरण और हरित विकास की व्यापक योजना पर कार्य प्रारंभ किया गया है।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशा के अनुरूप सिंहस्थ महापर्व को 'ग्रीन सिंहस्थ' की थीम पर आयोजित करने की तैयारी की जा रही है। इसके अंतर्गत नई सड़कों, पंचक्रोशी मार्ग तथा शिप्रा नदी के नवीन घाटों के किनारे फलदार और फूलदार पौधों का रोपण किया जाएगा। विकास कार्यों से जुड़े विभागों को 10 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया है।

संभागायुक्त एवं सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह ने सभी विभागों को सात दिन के भीतर पौधारोपण की विस्तृत योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ महापर्व से पहले तैयार हो रही नई सड़कें, घाट और पंचक्रोशी मार्ग को जोड़ने वाले मार्गों पर व्यापक स्तर पर पौधारोपण किया जाएगा।

वन विभाग द्वारा पंचक्रोशी मार्ग पर तीन चरणों में पौधारोपण किया जाएगा। इस वर्ष वर्षा ऋतु में लगभग 15 हजार पौधे लगाने की तैयारी की गई है। पौधों की सुरक्षा के लिए ट्रीगार्ड भी लगाए जाएंगे। इसके अलावा शिप्रा नदी के किनारे नए घाटों के एक ओर फूलदार पौधे लगाने की योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

अधिकारियों के अनुसार अमलतास, गुलमोहर, नीलमोहर और पलाश जैसे फूलदार पौधों से मार्गों को सजाया जाएगा। लगभग 274 किलोमीटर लंबे मार्ग के दोनों ओर और मध्य भाग में भी पौधारोपण किया जाएगा।

संभागायुक्त आशीष सिंह ने निर्देश दिए कि नई सड़कों के दोनों ओर ऐसे पौधे लगाए जाएं जो गर्मी के मौसम में फूल दें और सिंहस्थ आयोजन तक विकसित होकर सुंदर हरित गलियारे का स्वरूप प्रदान करें।

उन्होंने सभी विभागों को पौधारोपण के लिए स्थान चिन्हित कर शीघ्र योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जल संसाधन विभाग को शिप्रा नदी के 29 किलोमीटर क्षेत्र में निर्माणाधीन घाटों के किनारे भी पौधारोपण कराने को कहा गया है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित