उज्जैन , जुलाई 23 -- आगामी सिंहस्थ-2028 में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के लिए मध्यप्रदेश पुलिस ने प्रदेशभर में 20 हजार प्रशिक्षित स्वयंसेवक तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसी क्रम में उज्जैन में 'सिंहस्थ सारथी' प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

पुलिस सूत्रों के अनुसार पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा के निर्देशन में उज्जैन के पुलिस सामुदायिक भवन में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य सिंहस्थ महापर्व के दौरान पुलिस एवं प्रशासन के सहयोगी के रूप में कार्य करने वाले स्वयंसेवकों तथा एनआरएस सदस्यों को व्यवहारिक, तकनीकी, आपदा प्रबंधन और आपातकालीन परिस्थितियों में प्रभावी कार्य के लिए प्रशिक्षित करना है।

प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि उज्जैन जिले में पांच हजार स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। पहले चरण में लगभग 1,800 स्वयंसेवकों एवं एनआरएस सदस्यों का प्रशिक्षण शुरू किया गया है, जबकि शेष प्रतिभागियों को आगामी चरणों में प्रशिक्षण दिया जाएगा।

प्रशिक्षित स्वयंसेवक श्रद्धालुओं के मार्गदर्शन, भीड़ प्रबंधन, सूचना सहायता, प्राथमिक उपचार, आपातकालीन सहयोग तथा पुलिस और प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करने जैसी जिम्मेदारियां निभाएंगे।

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर पूर्व) आलोक शर्मा ने किया। इस दौरान विभिन्न विषय विशेषज्ञों एवं प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को व्यवहारिक और तकनीकी विषयों पर प्रशिक्षण दिया।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आलोक शर्मा ने कहा कि सिंहस्थ जैसे विशाल धार्मिक आयोजन में स्वयंसेवक श्रद्धालुओं और प्रशासन के बीच महत्वपूर्ण सेतु की भूमिका निभाते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से अनुशासन, संवेदनशीलता, सेवा-भाव, त्वरित निर्णय क्षमता तथा पुलिस-प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय रखते हुए कार्य करने का आह्वान किया।

व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्र में होमगार्ड एवं चिकित्सक दल ने प्रतिभागियों को सीपीआर, प्राथमिक उपचार, घायल अथवा अस्वस्थ व्यक्तियों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने तथा आपातकालीन परिस्थितियों में प्रभावी प्रतिक्रिया देने का प्रशिक्षण दिया।

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