उज्जैन , मई 29 -- मध्यप्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में वर्ष 2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महापर्व के लिए श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुगम आवागमन को ध्यान में रखते हुए विस्तृत यातायात प्रबंधन योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुसार सिंहस्थ महापर्व के सुव्यवस्थित आयोजन के लिए पार्किंग योजना और यातायात प्रबंधन को प्राथमिकता दी जा रही है। निर्देश दिए गए हैं कि पार्किंग स्थलों से मेला क्षेत्र तक श्रद्धालुओं को न्यूनतम पैदल दूरी तय करनी पड़े और यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे।

जानकारी में बताया गया है कि सिंहस्थ के दौरान मेला क्षेत्र के आसपास उपयुक्त स्थानों का चिन्हांकन कर पर्याप्त क्षमता वाली पार्किंग विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया है। साथ ही यातायात संचालन के लिए वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित ट्रैफिक सर्कुलेशन योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो और आपातकालीन सेवाओं का आवागमन बाधित न हो।

उज्जैन संभाग आयुक्त एवं सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह ने सभी मार्गों पर लगाए जाने वाले संकेतकों में एकरूपता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि संकेतक इस प्रकार तैयार किए जाएं कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा या भ्रम की स्थिति का सामना न करना पड़े।

उन्होंने कहा कि पैदल मार्गों, प्रमुख प्रवेश बिंदुओं, पार्किंग स्थलों और मेला क्षेत्र तक पहुंचने वाले मार्गों पर आवश्यकतानुसार स्पष्ट और उपयोगकर्ता अनुकूल संकेतक लगाए जाएं, ताकि श्रद्धालु आसानी से अपने गंतव्य तक पहुंच सकें।

मेला अधिकारी ने बताया कि सिंहस्थ मेला क्षेत्र, प्रमुख मार्गों और शहर के आंतरिक मार्गों पर संकेतक लगाने की विस्तृत योजना तैयार की गई है। इन संकेतकों के माध्यम से श्रद्धालुओं को स्नान क्षेत्र, मंदिर, शिविर, भोजनालय, शौचालय, चिकित्सा सहायता केंद्र और सुरक्षा चौकियों तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी।

उन्होंने कहा कि दिशासूचक संकेत न केवल मार्गदर्शन में सहायता करेंगे, बल्कि वैकल्पिक मार्गों की जानकारी देकर भीड़ नियंत्रण में भी मददगार साबित होंगे। सुरक्षा संबंधी संकेतों से आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाएगी।

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