नयी दिल्ली , जुलाई 28 -- भारत ने सिंधु घाटी सभ्यता पर साझा विरासत के पाकिस्तान के दावे को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि जो देश सीमा पार आतंकवाद और हिंसा को बढ़ावा देता रहा है वह बहुलतावादी सांस्कृतिक विरासत पर कोई दावा नहीं कर सकता।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को यहां मीडिया ब्रीफिंग में पाकिस्तान के इस दावे के बारे में पूछे गये सवाल के जवाब में कहा कि अल्पसंख्यकों तथा उनके सांस्कृतिक अधिकारों की रक्षा के मामले में पाकिस्तान का दयनीय रिकार्ड उसके इस तरह के पाखंडपूर्ण और हताशा भरे प्रयासों को और खोखला बनता है।

प्रवक्ता ने कहा, "जो देश दशकों से सीमा-पार आतंकवाद, धार्मिक कट्टरवाद और हिंसा को बढ़ावा देता रहा है वह किसी भी बहुलतावादी सांस्कृतिक विरासत पर कोई दावा नहीं कर सकता। अल्पसंख्यकों तथा उनके सांस्कृतिक अधिकारों की रक्षा के मामले में उसका दयनीय रिकार्ड ऐसे हताश प्रयासों को और भी अधिक खोखला बना देता है।

उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान के सूचना और प्रसारण मंत्री अताउल्लाह तरार ने हाल ही में सिंधु जल संधि के संदर्भ में सिंधु घाटी सभ्यता को साझा विरासत बताया था।

पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया था। इससे बिलबिलाया पाकिस्तान इसके बाद से लगातार इस मामले में नये नये पैंतरों से भारत को घेरने की कोशिशों में लगा है।

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