नयी दिल्ली , जुलाई 13 -- केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने सोमवार को भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) की रणनीतिक समीक्षा एवं योजना बैठक की अध्यक्षता की जिसमें बैठक में वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के दौरान देशभर के बीएसएनएल के सभी 28 सर्किलों के कारोबार और परिचालन प्रदर्शन की व्यापक समीक्षा की गयी।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में सेवाओं की बिक्री से बीएसएनएल होने वाली आय पहली तिमाही में 10 प्रतिशत बढ़कर 4,418 करोड़ रुपये हो गयी, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 4,017 करोड़ रुपये थी। देश व्यापी नेटवर्क का परिचालन करने वाली सरकारी क्षेत्र की बीएसएनएल की वृद्धि की गति को बनाए रखते हुए परिचालन उत्कृष्टता और ग्राहकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर देना था। संचार मंत्री ने इसे "वित्त वर्ष की मजबूत शुरुआत" बताते हुए सभी सर्किलों से इसी गति को पूरे वर्ष बनाए रखने का आह्वान किया।
कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन की समीक्षा करते हुए श्री सिंधिया ने बीएसएनएल के दो प्रमुख कारोबारी स्तंभ-एंटरप्राइज बिजनेस (ईबी) और कंज्यूमर मोबिलिटी (सीएम)-ने सकारात्मक वृद्धि का उल्लेख किया। उन्होंने मंत्री सिंधिया ने जम्मू-कश्मीर, झारखंड, उत्तर प्रदेश (पश्चिम) और कर्नाटक सर्किलों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की भी सराहना की। इन चारों सर्किलों ने प्रमुख परिचालन मानकों पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।
उन्होंने कहा, 'मंत्री सिंधिया ने कहा कि बीएसएनएल के परिवर्तन (ट्रांसफॉर्मेशन) का अगला चरण बेहतर ग्राहक अनुभव और परिचालन उत्कृष्टता पर आधारित होना चाहिए।'जानकारी के अनुसार बैठक में श्री सिंधिया ने कहा, " बीएसएनएल के विकास के तीनों इंजन एक साथ बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। यह वित्त वर्ष की उत्साहजनक शुरुआत है, लेकिन हमारा लक्ष्य पूरे वर्ष इस गति को लगातार बनाए रखना है। स्थायी विकास अनुशासित क्रियान्वयन, निरंतर निगरानी और ग्राहकों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता से ही संभव है।"विभिन्न खंडों के बीच एंटरप्राइज बिजनेस खंड ने सबसे अच्छा प्रदर्शन करते हुए की पहली तिमाही में 1,745 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह 1,463 करोड़ रुपये था। इस प्रकार इसमें 19.2 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज की गई। कंज्यूमर मोबिलिटी से प्राप्त राजस्व 1,724 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की पहली तिमाही के 1,594 करोड़ रुपये की तुलना में 8 प्रतिशत अधिक है।
इसके अलावा, कंज्यूमर फिक्स्ड एक्सेस खंड से 960 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह 948 करोड़ रुपये था।
संचार मंत्री ने सभी सर्किलों को सेवा गुणवत्ता (क्यूओएस) से जुड़े प्रमुख मानकों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। इनमें ऑप्टिकल लाइन टर्मिनल (ओएलटी) की अधिक उपलब्धता (अपटाइम), बेस ट्रांसीवर स्टेशन (बीटीएस) की अधिक अपटाइम तथा खराबी दूर करने में लगने वाले औसत समय (एमटीटीआर - मीन टाइम टू रिपेयर) को कम करना शामिल है।
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