नैनीताल , जुलाई 31 -- उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को सिंचाई सचिव को प्रथम दृष्टया अवमानना का दोषी पाते हुए उन्हें चार सप्ताह में जवाब देने को कहा और पूछा कि न्यायालय के निर्देशों का अनुपालन क्यों नहीं किया गया।

हरिद्वार निवासी जगपाल सिंह की ओर से दायर अवमानना याचिका पर न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की खंडपीठ में सुनवाई हुई।

याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि उन्होंने सिंचाई विभाग, हरिद्वार से सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत जानकारी मांगी थी लेकिन विभाग की ओर से उन्हें सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई। इसके बाद उन्होंने राज्य सूचना आयोग में अपील दायर की।

याचिकाकर्ता के अनुसार राज्य सूचना आयोग की ओर से मामले की जांच के लिए मुख्य सचिव को निर्देश दिए गए थे लेकिन न तो जांच कराई गई और न ही कोई आदेश पारित किया गया। इसके बाद याचिकाकर्ता की ओर से उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया गया।

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