बागलकोट , अप्रैल 04 -- कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद बसवराज बोम्मई ने शनिवार को सिंचाई क्षेत्र में कांग्रेस और गैर-कांग्रेस सरकारों के योगदान पर सार्वजनिक बहस की मांग की।
मीडिया से बातचीत करते हुए श्री बोम्मई ने कहा कि कांग्रेस सरकारों और भाजपा तथा अन्य गैर-कांग्रेस सरकारों के सिंचाई क्षेत्र में किए गए कार्यों की खुली तुलना होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जब वह सिंचाई मंत्री थे, तब उन्होंने कर्नाटक में ए और बी योजनाओं की शुरुआत पर सवाल उठाए थे, क्योंकि महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश में इस तरह का वर्गीकरण नहीं था। उन्होंने कहा, "कोई ए या बी योजना नहीं है, यह एक ही कृष्णा योजना है," और इसे प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए फैसले लिए गए थे।
श्री बोम्मई ने बताया कि उनके कार्यकाल में मुलावद लिफ्ट सिंचाई योजना जैसे प्रोजेक्ट पूरे किए गए और पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की गई। उन्होंने यह भी कहा कि गैर-कांग्रेस सरकारों, खासकर भाजपा, ने सिंचाई क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
विशेष परियोजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के निर्वाचन क्षेत्र बादामी तालुक में केरीर लिफ्ट सिंचाई परियोजना उनकी सरकार द्वारा पूरी की गई। उन्होंने आगे कहा कि विजयपुरा जिले की लंबे समय से लंबित रेवणसिद्धेश्वर सिंचाई परियोजना भी उनकी सरकार ने लागू की।
श्री बोम्मई ने यह भी दावा किया कि उनकी सरकार ने झील भराव परियोजनाएं शुरू कीं और बागलकोट की जरूरतों के अनुसार पानी उपलब्ध कराने की क्षमता है। उन्होंने आलोचकों को इन मुद्दों पर बहस की चुनौती देते हुए सिंचाई क्षेत्र में कुल योगदान पर खुली चर्चा के लिए आमंत्रित किया।
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