लखनऊ , अक्टूबर 28 -- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन के 14 सदस्यीय उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक कर उत्तर प्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। इस दौरान लॉजिस्टिक्स, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर, हरित ऊर्जा, खाद्य प्रसंस्करण और पर्यटन सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश पर सहमति बनाने की दिशा में कदम उठाए गए।

मुख्यमंत्री ने जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निकट 'सिंगापुर सिटी' और हाईटेक औद्योगिक टाउनशिप विकसित करने का प्रस्ताव रखा। योगी ने कहा कि सिंगापुर की तकनीक और उत्तर प्रदेश की औद्योगिक क्षमता मिलकर विकास के नए अवसर पैदा कर सकती हैं। सरकार निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारने और उत्पादन शुरू कराने के लिए निवेशकों को हरसंभव सहयोग देगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 75 हजार एकड़ से अधिक का भूमि बैंक उपलब्ध है और 27 एकीकृत विनिर्माण एवं लॉजिस्टिक्स क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि देश के कुल मोबाइल उत्पादन का लगभग 55 प्रतिशत और इलेक्ट्रॉनिक कलपुर्जों का 60 प्रतिशत निर्माण उत्तर प्रदेश में हो रहा है। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में 775 करोड़ रुपये की लागत से 'यूनिवर्सल पैकेजिंग हब' स्थापित करने के लिए ग्रेटर नासिक इन्फ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड को पात्रता प्रमाणपत्र सौंपा।

परियोजना के लिए 50 एकड़ भूमि निर्धारित की गई है और इससे 1,880 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने का अनुमान है। इसके अलावा एग्रीकॉर्प इंटरनेशनल के साथ सोया और चना प्रोटीन उत्पादन इकाई स्थापित करने तथा ब्लू प्लैनेट एनवायरनमेंटल सॉल्यूशंस के साथ कचरा प्रसंस्करण परियोजनाओं के लिए समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया गया। ब्लू प्लैनेट की परियोजनाओं में 250 से 350 करोड़ रुपये के निवेश का अनुमान है।

सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन के चेयरमैन मार्क ली के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश की औद्योगिक नीतियों, एक्सप्रेसवे नेटवर्क और निवेश अनुकूल माहौल की सराहना की। मुख्यमंत्री ने फरवरी 2026 की सिंगापुर यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौरान करीब 60 हजार करोड़ रुपये के निवेश समझौतों पर सहमति बनी थी। सरकार अब इन प्रस्तावों को धरातल पर उतारने पर जोर दे रही है।

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