गोंडा , अगस्त 03 -- उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में श्रावण मास के प्रथम सोमवार पर ऐतिहासिक बाबा पृथ्वीनाथ मंदिर और बाबा दुःखहरणनाथ मंदिर समेत जिले के सभी प्रमुख शिवालयों में तड़के ब्रह्ममुहूर्त से ही श्रद्धालुओं और कांवड़ियों का सैलाब उमड़ पड़ा। भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए लाखों श्रद्धालु कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते दिखाई दिए। मंदिर परिसर 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के जयघोष से गूंज उठे।

सावन के प्रथम सोमवार पर जिले के सभी शिवालयों में विशेष पूजा-अर्चना और जलाभिषेक का क्रम जारी है। खरगूपुर थाना क्षेत्र स्थित महाभारतकालीन बाबा पृथ्वीनाथ मंदिर तथा नगर क्षेत्र के स्टेशन रोड स्थित त्रेतायुग से जुड़े बाबा दुःखहरणनाथ मंदिर में लाखों श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया। खरगूपुर स्थित पांडवकालीन बाबा पृथ्वीनाथ मंदिर अपनी ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता के लिए प्रसिद्ध है। मान्यता है कि यहां स्थापित विशाल शिवलिंग एशिया के सबसे बड़े शिवलिंगों में से एक है, जिसकी ऊंचाई लगभग साढ़े पांच फीट बताई जाती है।

स्थानीय मान्यताओं के अनुसार श्रद्धालु बिना एड़ी उठाए इस शिवलिंग पर जल अर्पित नहीं कर सकते। इसी विशेषता के कारण यह मंदिर देशभर के श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। मंदिर परिसर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पुलिस प्रशासन ने सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन कैमरों के माध्यम से भीड़ पर लगातार निगरानी रखी है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बैरिकेडिंग, पेयजल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी की गई हैं। मेले में खिलौनों, श्रृंगार सामग्री, झूलों तथा अन्य दुकानों पर भी लोगों की भीड़ देखी गई।

नगर क्षेत्र के स्टेशन रोड स्थित बाबा दुःखहरणनाथ मंदिर में भी सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। मंदिर में भगवान शिव पिंडी स्वरूप में विराजमान हैं। धार्मिक मान्यता है कि त्रेतायुग में भगवान श्रीराम ने यहां आकर भगवान शिव के दर्शन किए थे तथा कुछ समय विश्राम भी किया था। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि इस मंदिर में सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना पूर्ण होती है और भगवान शिव अपने भक्तों के दुखों का निवारण करते हैं। इसी कारण यह मंदिर पूरे क्षेत्र में आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है।

मंदिर प्रशासन ने जलाभिषेक के लिए विशेष व्यवस्था की है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पूजा-पाठ, प्रसाद, पेयजल तथा अन्य आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। आकर्षक एवं प्राचीन शैली में निर्मित यह मंदिर श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। दोनों प्रमुख मंदिरों सहित जिले के सभी शिवालयों में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है तथा पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार व्यवस्थाओं पर नजर बनाए हुए हैं।

श्रावण मास के प्रथम सोमवार पर गोंडा में आस्था, भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। भगवान शिव के दर्शनों और जलाभिषेक के लिए दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने सुख, समृद्धि और परिवार के कल्याण की कामना की।

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