अलवर , अगस्त 03 -- राजस्थान के अलवर में सावन के पहले सोमवार को ऐतिहासिक श्रीत्रिपोलिया महादेव मंदिर में सोमवार तड़के से ही शिवभक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा।

तड़के चार बजे मंदिर के पट खुलने के साथ ही गंगाजल अभिषेक और प्रथम आरती हुई, जिसके बाद श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के जयघोष से पूरा मंदिर परिसर शिवमय हो गया। शहर ही नहीं, आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक और दर्शन के लिए पहुंचे।

हर-हर महादेव के जयघोष के बीच सावन का पहला सोमवार अलवर की सबसे प्राचीन धार्मिक परंपराओं में से एक श्री त्रिपोलिया महादेव मंदिर में इस बार भी अद्भुत आस्था, भक्ति और श्रद्धा का साक्षी बन गया। करीब 300 वर्ष पुराना अलवर सिंहद्वार स्थित यह प्राचीन शिवालय केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि अलवर की धार्मिक पहचान और करोड़ों आस्थाओं का केंद्र है। यहां विराजमान नर्मदेश्वर शिवलिंग का दिन में तीन बार रंग बदलना अब भी श्रद्धालुओं के लिए किसी दिव्य चमत्कार से कम नहीं माना जाता। मंदिर स्थापना के समय से निरंतर प्रज्वलित अखंड ज्योत, सदियों से चली आ रही व्यापारी समाज की परंपरा, पंचायतन स्वरूप और भक्तों की अटूट आस्था इस धाम को पूरे मेवात क्षेत्र के प्रमुख शिवालयों में विशेष स्थान दिलाती है।

सावन के पावन महीने में यहां का वातावरण पूरी तरह शिवमय हो जाता है। सावन के पहले सोमवार को श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने सभी तैयारियां की। पूरे मंदिर को आकर्षक विद्युत सज्जा और फूलों से सजाया गया है। इस बार पहले सोमवार की शाम भगवान भोलेनाथ दूल्हा स्वरूप में भक्तों को दर्शन देंगे, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहेगा।

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