प्रयागराज , अगस्त 03 -- सावन के पहले सोमवार पर संगम नगरी प्रयागराज पूरी तरह शिवमय नजर आई। तड़के से ही प्रमुख शिवालयों में भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। मंदिर परिसर 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के जयघोष से गूंज उठे तथा श्रद्धालुओं ने पूरे श्रद्धाभाव के साथ भगवान भोलेनाथ का अभिषेक किया।

सुबह से बड़ी संख्या में श्रद्धालु संगम और गंगा घाटों पर स्नान करने के बाद गंगाजल लेकर शहर के विभिन्न शिवालयों की ओर पहुंचे। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि और लोककल्याण की कामना की। सावन के पहले सोमवार के अवसर पर दशाश्वमेध घाट पर भी कांवड़ियों की भारी भीड़ देखने को मिली। कांवड़िये गंगा में स्नान करने के बाद कलश और कांवड़ में पवित्र जल भरकर प्रयागराज के विभिन्न शिवालयों तथा वाराणसी स्थित श्री काशी विश्वनाथ धाम के लिए रवाना हुए। घाट पर सुबह से ही कांवड़ियों के आने-जाने का सिलसिला लगातार जारी रहा।

शहर के प्रमुख शिवालयों मनकामेश्वर मंदिर, गंगेश्वर मंदिर, नागवासुकी मंदिर और सोमेश्वरनाथ महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं तथा मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठान और भजन-कीर्तन का आयोजन भी हुआ।

कांवड़ यात्रा को देखते हुए प्रयागराज से वाराणसी जाने वाले मार्ग पर विशेष यातायात व्यवस्था लागू की गई है। कांवड़ियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए सड़क की एक लेन उनके लिए आरक्षित की गई है, जबकि दूसरी लेन से सामान्य वाहनों का संचालन कराया जा रहा है, जिससे यातायात सुचारु बना रहे।

श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की भारी भीड़ के मद्देनजर पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। घाटों, प्रमुख शिवालयों तथा कांवड़ यात्रा मार्ग पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारियों द्वारा भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और यातायात संचालन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। सुबह से ही घाटों और मंदिरों में श्रद्धालुओं की आवाजाही निर्बाध रूप से जारी है और पूरे शहर में भक्ति एवं उत्साह का माहौल बना हुआ है।

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