भीलवाड़ा , जुलाई 28 -- राजस्थान में पवित्र सावन मास की शुरुआत के साथ ही शहर के प्रसिद्ध और आस्था के प्रमुख केंद्र हरनी महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया है।

सावन के पावन महीने में भोलेनाथ के जलाभिषेक और दर्शन के लिए रोजाना हजारों की संख्या में श्रद्धालु पैदल एवं विभिन्न वाहनों से पहुंचते हैं, लेकिन मंदिर तक जाने वाले मुख्य मार्ग की खस्ताहाल स्थिति ने शिवभक्तों की राह कठिन कर दी है। हरनी महादेव मार्ग पर जगह-जगह उभरे गहरे गड्ढे प्रशासन की लापरवाही और सार्वजनिक निर्माण विभाग की बेरुखी की गवाही दे रहे हैं।

स्थानीय नागरिकों और नियमित दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं का कहना है कि मानसून की बारिश के बाद सड़क की हालत और ज्यादा दयनीय हो गई है। जगह-जगह गड्ढों में पानी भर जाने के कारण वाहन चालकों को गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं मिल पाता, जिससे रोजाना दोपहिया वाहन सवार असंतुलित होकर गिर रहे हैं और चोटिल हो रहे हैं। विशेषकर तड़के और देर शाम के समय जब प्रकाश कम होता है, तब इस मार्ग पर दुर्घटनाओं की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं, खासकर महिलाओं, बुजुर्गों और छोटे बच्चों को पत्थरों एवं कीचड़ के बीच से जान जोखिम में डालकर गुजरना पड़ रहा है।

क्षेत्रवासियों ने बताया कि सावन मास शुरू होने से पहले ही नगर निगम और संबंधित विभाग को इस मार्ग की मरम्मत कराने के लिए अवगत कराया गया था। हर वर्ष सावन में यहाँ विशाल मेले जैसा माहौल रहता है और कांवड़ यात्राएं भी इसी मार्ग से गुजरती हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से अब तक सड़क सुदृढ़ीकरण या मरम्मत का कार्य शुरू नहीं कराया गया है।

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